
Bank Loan
भोपाल। पैसों की आसान उपलब्धता के कारण इन दिनों हर कोई घर खरीदने की योजना बना लेता है और लोग डाउन पेमेंट के लिए अपनी सेविंग्स से ही राशि जुटाते हैं। बाकी के पैसों के लिए बैंक की सहायता ली जाती है। अगर आप काफी मशक्कत के बाद अपना घर खरीद लेते हैं, लेकिन किसी कारण वश लोन चुकाने में नाकाम हो जाते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। लोन न चुका पाने की स्थिति में आपको पता होना चाहिए कि आपके पास कौन- कौन से अधिकार है, जिनका आप यूज कर सकते हैं। सरकार ने कर्जदारों को भी कई अधिकार दिए हैं। कर्जदारों की प्रॉपर्टी नीलामी से लेकर नोटिस देने तक के नियम बनाए गए हैं और अगर कोई इन्हें तोड़ता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई हो सकती है। भोपाल शहर की बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी परिस्थिति में कौन-कौन से अधिकार हैं जिनका जानना आपके लिए जरूरी है...
1- यदि आपने किसी भी बैंक से लोन लिया है और आप उसको नहीं चुका पा रहे हैं तो बैंक एजेंट आपसे किसी भी प्रकार की बदतमीजी नहीं कर सकते हैं। बारोअर की प्राइवेसी को उन्हें मेंटेन करना होगा। बैंक एजेंट रात के टाइम किसी बारोअर के घर नहीं जा सकते, सुबह 7 से शाम 7 के बीच ही वह मिल सकते हैं।
2- लोन न चुकाने की शर्त पर एजेंट किसी भी बारोअर को तंग नहीं कर सकते और वे उनकी फैमिली को भी नुकसान नहीं पहुंचा सकते। आरबीआई माने तो यदि कोई एजेंट ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
3- यदि आप बकाया नहीं चुका पाए तो बैंक आपको सीधे क्रिमिनल नहीं बता सकता। बता दें कि बैंक को बकाया राशि लेने के लिए प्रॉपर प्रोसीसजर फॉलो करना पड़ता है। मालूम हो कि पेमेंट यदि 90 दिनों तक ड्यू रहती है तो ऐसे बारोअर को नॉन परफॉर्मिंग असेट में डाल दिया जाता है। जिसमें लेंडर को 60 दिनों की अवधि वाला नोटिस जारी करना पड़ता है। किसी भी डिफॉल्टर को इतना समय दिया जाना उसका अधिकार है। यदि इस नोटिस के बाद भी बैंक को पेमेंट करने में फेल होते है तो बैंक उसकी असेट को नीलाम कर सकती है। हालांकि प्रॉपर्टी की ऑक्शन करने से पहले भी बैंक को पब्लिक नोटिस देना होता है।
4- बैंक को बारोअर से जितना पैसा लेना होता है और नीलामी में बैंक ने जो पैसा खर्च किया है उसके बाद बचा अमाउंट बारोअन को वापस किया जाता है। बैंक तुरंत यह पैसा आपके अकाउंट में ट्रांसफर करती है। बता दें कि अब तो नीलामी ऑनलाइन होती है जिससे पैसों की कोई गड़बड़ न कर सके।
5- बारोअर जब फंड नहीं चुका पाता तब उसकी प्रॉपर्टी सेल की जाती है। ड्यूस क्लियर के लिए बैंक आपके असेट की नीलामी करता है। ऐसा करने के पहले भी बैंक को बारोअर को नोटिस देना अनिवार्य है। इस नोटिस में बैंक असेट की वैल्यू जो बैंक ने निकाली है, उसकी जानकारी देता है। अगर आपको लगता है कि आपकी प्रॉपर्टी को कम पैसों में नीलाम किया जा रहा है तो वह ऑब्जेक्शन कर सकता है।
Published on:
21 Feb 2018 01:58 pm
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