
नकली सीमेंट के लिए राजस्थान व हरियाणा से मंगवाया जाता था बारदाना
भोपाल. ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के अरवलिया और परेवाखेड़ा गांव में करीब दो साल से खराब सीमेंट, स्टोन क्रेशर के डस्ट और काली मिट्टी मिलाकर तैयार मिलावटी सीमेंट के बारदाने राजस्थान के शंभुपुरा और हरियाणा के झज्झर से बुलाए जाते थे। कंपनी की सील लगे बारदानों से इसकी पुष्ठि हुई है। क्राइम ब्रांच ने दोनों राज्यों से अल्ट्राटेक सीमेंट के प्रबंधन को तलब किया है। वहीं, नकली सीमेंट बनाने वाले मास्टरमाइंड कदीर की क्राइम ब्रांच तलाश कर रही है।
इसके लिए छापेमारी भी की जा रही है। वहीं जिन चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है, उन्होंने क्राइम ब्रांच को बताया है कि मास्टर माइंड हर सप्ताह मजदूर बदलता था। वहीं, मिलावटी व नकली सीमेंट ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी ठेकों, ग्राम पंचायतों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के ठेकों पंचायतों में होने वाले कामों और चेक डेम-स्टॉप डेम व नरेगा के काम में खपाई जाती थी। लेकिन जब तक मास्टरमाइंड आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, क्राइम ब्रांच यहां से सीमेंट खरीदने वालों को नहीं छेड़ेगी। अल्ट्राटेक और एसीसी सीमेंट के प्रबंधन को क्राइम ब्रांच फरियादी बनाएगी। मंगलवार को राजस्थान से अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन क्राइम ब्रांच में आ सकता है। फिलहाल क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी और ट्रेड अधिनियम के तहत केस दर्ज विवेचना शुरु कर दी है। डीएसपी सलीम खान ने बताया कि जिन बोरियों में मिलावटी सीमेंट भरकर बेची जा रही थी, वह अल्ट्राटेक और एसीसी सीमेंट कंपनियों के विभिन्न ब्रांडों की हैं।
बोरियों के रियूज होने की भी आशंका
बारदानों पर लगी सील से क्राइम ब्रांच ने पता लगाया कि बोरियो अन्य राज्य से बुलाई जाती थी। बोरियों की पैकिंग से पता चलता है कि इनका रियूज किया गया है। सिलाई भी रियूज तरीके से की गई है। वहीं, सील आदि के आधार पर सीमेंट कंपनी के प्रबंधक और अन्य अधिकारियों को बुलाया गया है। उनके बयान के बाद स्पष्ट होगा कि बोरियां, कंपनी से चुराई जाती थी, या कहीं छपवाया जाता था।
Published on:
04 Feb 2020 06:21 am
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