20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपने पुराने स्टूडेंट को नहीं पहचानता बीयू प्रबंधन!

क्या विश्वविद्यालय बड़े ओहदे पर बैठे अपने हर पूर्व छात्र के डिग्री मांगने पर ऐसा ही आयोजन करेगा? फिलहाल तो इसका जवाब विवि के पास भी नहीं है।

2 min read
Google source verification

image

Juhi Mishra

Nov 02, 2015

भोपाल।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा अपने पूर्व छात्र सोमालिया के राष्ट्रपति हसन शेख मोहम्मद को डिग्री देने के लिए विशेष दीक्षांत समारोह पर 10 लाख से अधिक खर्च ने एक बड़ा सवाल पैदा कर दिया हैं। क्या विश्वविद्यालय बड़े ओहदे पर बैठे अपने हर पूर्व छात्र के डिग्री मांगने पर ऐसा ही आयोजन करेगा? फिलहाल तो इसका जवाब विवि के पास भी नहीं है।


इस विवि का अकादमिक इतिहास 45 साल का हो चुका है। इस बीच एेसे कई छात्र हैं, जिनका नाम देश-दुनिया में शुमार हैं। इनमें दिग्गज राजनीतिज्ञों की एक लंबी कतार है, जिनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम भी हैं। वहीं यहां पढऩे वाले वैज्ञानिक, समाजसेवी, समेत अन्य छात्रों की एक बड़ी संख्या होने की चर्चा विवि में हैं। अब यदि ये डिग्री के लिए अनुरोध करेंगे तो क्या ऐसे ही आयोजन होंगे?


तब ही पता चलेगा...

स्टूडेंट वेलफेयर डीन डॉ. कालिका यादव का कहना है हमारे पास एेसा मैकेनिज्म नहीं है, जिससे इस तरह की हस्तियों की जानकारी जुटा सकें। इस संबंध में विवि ने कभी कोशिश भी नहीं की। जब सोमालिया के राष्ट्रपति ने खुद डिग्री प्राप्त करने के लिए अनुरोध किया तब जाकर यह पता चला कि इस विवि का एक छात्र किसी देश का राष्ट्रपति भी है। वहीं पूर्व में राष्ट्रपति हसन की तरह कई विदेशी छात्र भी यहां से पढ़ाई करने आते रहे हैं।


ये बीयू के रहे छात्र

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, केंद्रीय मंत्री नजमा हैपतुल्ला, भोपाल सांसद आलोक संजर, उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने इस विवि से पढ़ाई की है। वहीं विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने भी बीयू से पीएचडी की है।


इनका कहना है-

अन्य छात्रों के लिए इस तरह के आयोजन करने पर फिलहाल मैं कुछ कह नहीं सकता। हसन शेख सोमालिया के राष्ट्रपति हैं। इन्होंने भारत सरकार से डिग्री दिलाने का अनुरोध किया था। जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने पत्र लिख समारोह पूर्व डिग्री देने की बात कही थी। इस पर भी राज्यपाल की अनुमति ली गई।

अनिल शर्मा, रजिस्ट्रार बीयू

ये भी पढ़ें

image