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Piles Cure: आपको भी पाइल्स में आता है ‘चमकीला लाल खून’ , तो अपनाएं ये इलाज

मरीज को मल त्यागने के लिए जोर लगाना पड़ता है, जिससे गुदाद्वार की नसों पर दबाव पड़ता है और सूजन-दर्द होता है....

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Piles

भोपाल। बदलती लाइफ स्टाइल के बीच बवासीर (Piles) एक आम बीमारी बन गई है। ये इक ऐसी बीमारी है जिसे लोग किसी को बताना नहीं चाहते हैं। लिहाजा, यह बीमारी गंभीर हो जाती है और कई बार ज्यादा खून निकलने से लोगों की जान तक चली जाती है। लोगों ऐसे में ये जानना जरूर हो जाता है कि बवासीर है क्या (What is Piles)? और कैसे सुनिश्चित किया जाए कि कोई शख्स बवासीर (Patients of Piles) का शिकार हो चुका है।

बवासीर जिसे अंग्रेजी में पाइल्स के नाम से भी जानते हैं। पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें एनस के अंदर और बाहरी हिस्से की नसों में सूजन आ जाती है। इस बीमारी में गुदा के अंदरूनी हिस्से में या फिर बाहर के हिस्से में कुछ मस्से जैसे बन जाते हैं, जिनमें से कई बार खून निकलता है और दर्द भी होता है। कभी-कभी जोर लगाने पर ये मस्से बाहर की ओर आ जाते है।

बवासीर के प्रकार (Types of Piles)

बवासीर दो प्रकार के होते हैं आंतरिक और बाहरी। आंतरिक बवासीर मलाशय के भीतर होते हैं और आमतौर पर परीक्षण के दौरान दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में गुदा के बाहर होता है. इसे चिकित्सा की भाषा में प्रोलैप्सड हेमोराइड कहते हैं. साधारण भाषा में कहें तो बवासीर सूजन वाली नसें होती हैं, जो गुदा और मलाशय में और उसके आसपास पाई जाती हैं. वे आंतरिक या बाहरी हो सकते हैं. इस बीमारी की सबसे अच्छी बात ये है कि बवासीर एक इलाज योग्य बीमारी है, जिसे बिना अधिक कष्ट के ठीक किया जा सकता है।

बवासीर के लक्षण (symptoms of piles)

1-गुदा के आसपास तीव्र खुजली
2-आपके गुदा के पास दर्दनाक या खुजलीदार सूजन या गांठ
3-मल त्याग करने में कष्ठ या भयंकर दर्द का होना
4-मल त्याग के दौरान या बाद में गुदा से खून बहना
5-गुदा के आसपास जलन और दर्द
6- मल का रिसाव

इस तरह करें बचाव

1-पाइल्स में खून आता है तो रात को सोने से पहले रोज़ाना एक चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन गर्म पानी के साथ करें। त्रिफला चूर्ण खाने के बाद और किसी चीज का सेवन नहीं करें।

2-इस परेशानी का आयुर्वेदिक तरीके से उपचार करना चाहते हैं तो रोज रात को ईसबगोल की भुस्सी का सेवन करें।

3-पंचसकार चूर्ण एक चम्मच रोज रात को गर्म पानी से लें इस बीमारी के लक्षणों को दूर करने में मदद मिलेगी।

4-मस्सों के दर्द को दूर करने के लिए सुश्रुत तेल का इस्तेमाल करें।

5- सूजन और दर्द को दूर करने में गर्म पानी की सिकाई बेहद असरदार साबित होती है। एक टब गर्म पानी में बैठकर सिकाई करें।

क्यों होती है ये बीमारी

बवासीर (पाइल्स या मस्से की समस्या) उन लोगों में ज्यादा देखने में आती है जिन्हें लंबे समय तक बैठने का काम होता है या जिनको काफी समय से कब्ज की समस्या है। बचाव के लिए फल और रेशेदार सब्जियां खूब खाएं। कब्ज न होने दें। पानी भी भरपूर मात्रा में लें। कम पानी से भी शरीर में कई तरह की समस्याएं होती हैं। कम पानी पीने से कब्ज रहेगी और मल भी सख्त आएगा। इसका स्थाई उपचार ऑपरेशन है लेकिन खानपान में परहेज कर कब्ज को नियंत्रित कर सर्जरी से बच सकते हैं।