9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विंध्य सतपुड़ा की वादियों में पचमढ़ी के 5 खूबसूरत लोकेशन

हर साल की तरह इस बार भी दिसंबर की छुट्टियों के लिए लोग तैयारियों में लग गए हैं। राजधानी भोपाल के अधिकांश लोग इस बार भी पचमढ़ी और हनुवंतिया पहुंचेंगे। इस बार कई प्राइवेट रिसोर्ट अच्छा पैकेज दे रहे हैं जिसके कारण कई लोगों ने पहले से ही कॉटेज बुक करा लिए हैं। पचमढ़ी जानेवाले लोगों के लिए हम वहां की 5 खूबसूरत लोकेशन्स के बारे में बता रहे हैं।

2 min read
Google source verification
pachmari.png

पचमढ़ी जानेवाले लोगों के लिए हम वहां की 5 खूबसूरत लोकेशन्स के बारे में बता रहे हैं

हर साल की तरह इस बार भी दिसंबर की छुट्टियों के लिए लोग तैयारियों में लग गए हैं। राजधानी भोपाल के अधिकांश लोग इस बार भी पचमढ़ी और हनुवंतिया पहुंचेंगे। इस बार कई प्राइवेट रिसोर्ट अच्छा पैकेज दे रहे हैं जिसके कारण कई लोगों ने पहले से ही कॉटेज बुक करा लिए हैं। पचमढ़ी जानेवाले लोगों के लिए हम वहां की 5 खूबसूरत लोकेशन्स के बारे में बता रहे हैं।

पचमढ़ी में 2023 की विदाई और नए साल 2024 के स्वागत में कई विशेष आयोजन किए जाएंगे। मध्यप्रदेश पर्यटन निगम समेत अन्य सरकारी व निजी होटलों में क्रिसमस की रात जश्न की रात होगी। वहीं 31 दिसंबर और न्यू ईयर की पहली रात यानि 1 जनवरी 2024 को भी कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पर्यटकों की आमद को देखते हुए इस बार कई विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

पचमढ़ी में यूं तो घूमने की अनेक जगहें हैं। यहां बड़ा महादेव, बी फॉल, अप्सरा विहार, पांडव गुफा, चौरागढ़, हांडी खो, धूपगढ़, बायसन लॉज, जटाशंकर समेत कई प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। इनमें से कुछ लोकशन्स की बात ही अलग है। सैलानियों को इन जगहों की सैर कराने के लिए भी होटल संचालकों ने इस बार विशेष इंतजाम किए हैं।

महादेव गुफा
मुख्य शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर महादेव एक पूजनीय स्थल है। महादेव तक जाने का रास्ता काफी दुर्गम है लेकिन घने जंगलों से घिरा मार्ग का सफर बहुत रोमांचक साबित होता है। यहां एक पवित्र गुफा है जोकि करीब 30 मीटर लंबी है। माना जाता है कि भस्मासुर से बचने के लिए शिव यहीं छिपे थे।

चौरागढ़-
यहां पहाड़ी के आयताकार शिखर पर एक शिव मंदिर है। यहां लाखों त्रिशूल रखे हैं जोकि श्रद्धालु लेकर आते हैं। महादेव गुफा से चौरागढ़ के लिए 4 किलोमीटर की खड़ी चढाई है।

जटाशंकर-
पचमढ़ी बस स्टेंड से महज डेढ किलोमीटर दूर स्थित जटाशंकर भी एक पवित्र गुफा है। रास्ते में बिना किसी सहारे के झूलती हुई विशाल चट्टान को देखकर हर कोई कांप उठता है। जटाशंकर मार्ग पर एक विशाल चट्टान पर हनुमान की मूर्ति उकेरी गई है।

पांडव गुफाएं-
छोटी सी पहाड़ी पर पांच गुफाएं बनी हैं। इन्हीं पांच गुफाएं के कारण पंचमढ़ी का नामकरण हुआ। कहा जाता है वनवास के दौरान पांडव यहां ठहरे थे।पुरातत्वेत्ताओं के अनुसार 9वीं और 10 वीं शताब्दी में बौद्धों द्वारा इन गुफाओं को बनवाया गया था।

प्रियदर्शिनी प्वाइंट
सतपुड़ा की पहाड़ियों के इस ऊंचे प्वाइंट से ही कैप्टन जेम्स फोरसिथ ने 1857 में पचमढ़ी की खोज की थी। इस खूबसूरत स्थान से सतपुड़ा की तीनों प्रमुख चोटियां चौरागढ़, महादेव और धूपगढ़ को देखी जा सकता है। प्रियदर्शिनी प्वाइंट पर सूर्यास्त का नजारा बेहद लुभावना लगता है।

यह भी पढ़ें: दो हजार के नोटों के बदले 10 के सिक्के, पैकेट का वजन नहीं उठा पा रहे लोग