
भोपाल। पांच दिवसीय दीपावली पर्व के अंतिम दिन कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाने की परंपरा होती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को घर पर आमंत्रित किया था और स्वागत सत्कार के साथ टीका लगाया था तभी से यह त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
इस दिन बिना गानों के दिन सूना सूना सा लगता है, तो यहां हम आपको बताने जा रह हैं भाई दौज का खास गाने...
बॉलीवुड का भी भाई दौज से गहरा रिश्ता रहा है। बॉलीवुड के कई फिल्मों में भाई दौज के गाने शूट किये जाते हैं जो बाद में चलकर भाई दौज स्पेशल सॉंग बन जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ बॉलीवुड फिल्मों के गानों के बारे में जो भाई दौज का मजा और भी दुगना कर देती है।
1. मेरे भैया मेरे
मेरे अनमोल
तेरे बदले मैं ज़माने
कोई चीज़ ना लून
तेरी सांसों की कसम हवा चलती
तेरे चेहरे की झलक बहार आती
एक पल भी मेरी नज़रों से तू जो ओझल
हर तरफ मेरी नज़र तुझको पुकार आती
मेरे भैया मेरे
मेरे अनमोल
तेरे बदले मैं ज़माने
कोई चीज़ ना लून
तेरे चेहरे की महकती हुई लड़ियों के
अनगिनत फूल उम्मीडो के चुने हैं
वो भी दिन आएँ की उन ख्वाबो के ताबीर
तेरी काटिर जो हसीन ख्वाब बुने हैं
2. फूलों का तारों का, सबका कहना है... एक हजारों में मेरी बहना है.. सारी उमर हमें संग रहना है ...
3. हम बहनों के लिए मेरे भैया
आता है एक दिन साल में -२
आज के दिन मैं जहां भी रहूं
चले आना वहां हर हाल में -२
हम बहनों के लिए मेरे भैया
आता है एक दिन साल में -२
यह है कथा:
कहा जाता है कि एक बार यमराज के पास उनकी बहन यमुना का संदेश आया तो यमराज सब कुछ छोड़कर उनसे मिलने पहुंच गए और इसी तरह से यम द्वितीया का त्योहार शुरू हुआ। भविष्योत्तर पुराण में यम द्वितीया यानी भैया दूज मनाने का यही कारण बताया गया है।
भविष्योत्तर पुराण के अनुसार यमराज ने यमुना को वरदान दिया है कि जो भी व्यक्ति यमद्वितीया के दिन यमुना के जल में स्नान करके बहन के घर जाकर उनके हाथों से बना भोजन करेगा उसकी आयु लंबी होगी। यमद्वितीया के दिन अगर यमुना में स्नान नहीं पाते तो बहन के घर जाकर उसके हाथों से यमुना जल का टीका लगवाएं और उनके हाथों से बना भोजन करें तो इससे भी अकाल मृत्यु से रक्षा होती है।
भाई दूज का रात को यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जला कर मुख्य दरवाजे पर रखें. ऐसा करने भाई पर किसी प्रकार का विघ्न या बाधा नहीं आती है और उसका जीवन सुखमय रहता है।
ये है शुभ मुहूर्त (भाई दूज पर तिलक का समय):
टीका मुहूर्त: 13:19 से 15:36
द्वितीय तिथि प्रारम्भ : 21 अक्टूबर 2017 को 01:37 बजे
द्वितीय तिथि समाप्त : 22 अक्टूबर 2017 को 03:00 बजे
Published on:
20 Oct 2017 01:28 pm

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