
BHEL Bhopal's motor will give speed to Vande Bharat train
रोहित वर्मा
भोपाल. देश की सबसे आधुनिक ट्रेन वंदे भारत को बीएचईएल भोपाल में बनाई जा रही ट्रांजेक्शन मोटर रफ्तार देगी। अलग-अलग पांच युनिटों मेंं तैयार हो रही वंदे भारत ट्रेन के निर्माण कार्य में तीन यूनिटें बीएचईएल की हैं। इसमें मदर ईकाई भोपाल के साथ झांसी और बेंगलूरु युनिट हैं। टीटागढ़ में वंदे भारत ट्रेन के लिए बोगी बनाई जाएगी, तो चेन्नई में इसकी टेस्टिंग की जाएगी। इन पांच युनिटों में तैयार होने के बाद वंदे भारत ट्रेन रेलवे ट्रैक पर पहुंचेगी। वंदे भारत टे्रन बनाने का काम इन सभी यूनिटों में शुरू हो चुका है। निर्धारित समय पर इसकी डिलेवरी रेलवे विभाग को दे दी जाएगी। इन 80 ट्रेनों के निर्माण के लिए भेल को 10 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे।
बता दें कि करीब एक साल पहले 200 वंदे भारत ट्रेन निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया था। इसमें प्रथम स्थान पर रहने वाली कंपनी एल-1 को 120 टे्रनों के निर्माण का ठेका दिया गया था। वहीं दूसरे स्थान पर रहे भेल एल-2 को 80 टे्रनों के निर्माण और 35 वर्षों तक उनके रख-रखाव के लिए 23 हजार करोड़ का टेंडर मिला है। भेल अपनी तीन यूनिटों में इसका निर्माण कार्य कर रही है। भेल ने टीडब्ल्यूएल (टीटागढ़ बैगन लि.) पश्चिम बंगाल के साथ मिलकर कंसोटियम बनाया, जिसमें वंदे भारत ट्रेन के लिए कोच तैयार की जा रही है।
वंदे भारत ट्रेन के लिए बीएचईएल भोपाल यूनिट में चार पोल और थ्री फेस इंडेक्शन वाला टै्रक्शन मोटर तैयार किया जा रहा है। भेल भोपाल पीआरओ विनोदानंद झा ने बताया कि कुछ मोटर तैयार हो चुके हैं, इनका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। इन मोटरों से 160/176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वंदे भारत ट्रेन पटरी पर दौड़ेगी। 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन के 8 कोचों में 4-4 मोटर लगाए जाएंगे। भेल को 80 वंदे भारत टे्रन का निर्माण करना है। ऐसे में 80 टे्रनों के 640 कोचों में 2560 टै्रक्शन मोटर लगाए जाएंगे।
बीएचईएल के झांसी यूनिट में वंदे भारत ट्रेन में लगने वाले ट्रांसफार्मर एवं प्रापंजन प्रणाली का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह ट्रांसफार्मर ट्रेन में एसी से डीसी और डीसी से एसी में बिजली कन्र्वट करने का काम करेंगे।
बेंगलुरु में बीएचईएल की इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिवीजन (ईएसडी) यूनिट है। यहां वंदे भारत ट्रेन में लगने वाला पावर कंट्रोल सिस्टम तैयार किया जा रहा है। यह सिस्टम टे्रनों के संचालन से लेकर उनके नियंत्रण का काम करता है।
वंदे भारत ट्रेन के लिए टीटागढ़ बैगन्स लि. में कोच का निर्माण किया जा रहा है। यह अत्याधुनिक और विश्व स्तरीय कोच होंगे। सामान्यत: वंदे भारत ट्रेन में सीटिंग व्यवस्था होती है। यहां वंदे भारत के लिए निर्माण किए जा रहे यह कोच लंबी दूरी के एसी शयनयान कोच होंगे।
वंदे भारत ट्रेन तैयार होने के बाद चेन्नई भेजी जाएगी। यहां स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में इसका फाइनल ट्रायल लिया जाएगा। ट्रायल में सफल रहने के बाद ट्रेन को पटरी पर दौड़ाया जाएगा।
Published on:
12 Jun 2024 11:37 am
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