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भोपाल। दो दिन की मासूम नवजात की चाकूओं से गोदकर हत्या करने और सुबूत मिटाने की कोशिश करने वाले नाना-नानी को अब मरते दम तक जेल में ही रहना होगा। दरअसल राजधानी की एक अदालत ने शुक्रवार को नृशंस हत्या के इस मामले में निर्णय देते हुए आरोपी नाना-नानी को आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला तेरहवें अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना के न्यायालय ने सुनाया।
यहां पढ़ें पूरा मामला
सितंबर 2020 को अयोध्या नगर स्थित सेंट थामस स्कूल के पास शिव मंदिर के चबूतरे पर नवजात शिशु का शव पड़ा मिला था। शव केवल दो-तीन दिन की अवस्था का था। सूचना पर अयोध्या नगर पुलिस मौके पर पहुंची और उसने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
शव परीक्षण में पता चला था हत्या का मामला
पुलिस जांच के दौरान जब शव परीक्षण किया गया, तब पता चला कि नवजात शिशु के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे और उसकी नृशंस हत्या की गई थी। हत्या के बाद शिव मंदिर में छोड़ा था शव जांच में सामने आया कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए नवजात के शव को शॉल में लपेटकर अयोध्या नगर में स्थित शिव मंदिर में चबूतरे पर छोड़ दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने हत्या करने वाली नानी विद्या बाई और उसके पति (नाना) पूरन सिंह को गिरफ्तार किया।
फिर हुआ अवैध संबंधों का खुलासा
मामले की गहराई से पड़ताल की गई तो मामला अवैध संबंधों का निकला। दरअसल विद्या बाई की बेटी के किसी व्यक्ति से अवैध संबंध थे। जिससे वह गर्भवती हुई थी। पूछताछ करने पर बेटी ने बताया कि किसी ने उसके साथ जबरदस्ती की थी। मां ने अस्पताल में जांच कराई तो डाक्टरों ने ज्यादा समय का गर्भ होने की जानकारी दी और गर्भपात करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद गर्भवती बेटी ने अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया था। बदनामी से बचाने कर दी नृशंस हत्या बेटी को बदनामी से बचाने के लिए विद्या बाई ने चाकू से नवजात के सीने, पीठ, पेट पर कई वार किए जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद उसने शव ठिकाने लगाने के लिए अपने पति को दे दिया। पति ने शिशु का शव अयोध्या नगर के पास शिव मंदिर के चबूतरे पर छोड़ दिया और फरार हो गया।
Updated on:
01 Jul 2023 12:51 pm
Published on:
01 Jul 2023 12:48 pm
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