
भोपाल। जैसे-जैसे मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है वैसे ही राजधानी में भी हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। बाबुओं का शहर अब कॉरपोरेट कल्चर की ओर बढ रहा है। सडक़ें, ब्रिज, रेलवे स्टेशन से लेकर अस्पताल तक का नवनिर्माण तेजी से हो रहा है। शहर के बीचों-बीच सबसे लंबे बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तौर पर 30 मीटर चौड़ी सडक़ की बात हो या फिर हबीबगंज रेलवे स्टेशन के विश्वस्तरीय स्वरूप में निखरने की कवायद। टीटीनगर के पुराने सरकारी आवासों की जगह स्मार्टसिटी के नाम पर नए सिरे से नई बसाहट के लिए निर्माण तेजी से जारी है।
हमीदिया अस्पताल से लेकर एम्स तक में लोगों को नई अधोसंरचना के साथ इलाज की बेहतर सुविधाओं की कवायद है। राजधानी हवाई सेवा से देश के कई शहरों से जुड़ चुकी है। इससे राजधानी के रहवासियों का जीवनस्तर सुधरने के साथ उनकी सहूलियत भी बढी है। कुछ प्रोजेक्ट पर काम जारी है जिससे राजधानी और विकसित होगी। हालांकि अभी कई चीजों की जरूरत और है जो यहां रहवासियों का जीवन और आसान बनाएंगी।
बीते सालों में इस तरह हुआ शहर का विकास
ट्रांसपोर्ट- बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम बीआरटीएस- होशंगाबाद रोड से शहर के बीच में होते हुए बैरागढ़ सीहोर नाका तक 22 किमी लंबी रोड। 30 मीटर चौड़ी इस रोड के निर्माण से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को डेडिकेटेड लेन मिली तो अन्य वाहनों को पहले की तुलना में अधिक जगह मिली। 450 करोड़ की लागत वाली इस रोड का काम छह साल में पूरा हुआ। अभी रोजाना ढाई लाख से अधिक वाहन यहां से गुजरते हैं। शहर में अब 100 की बजाए 225 लो फ्लोर बसें चलाने का दावा किया जा रहा है।
बीसीएलएल के नक्शे पर नगर निगम भोपाल के 85 वार्ड रूट मेप में शामिल हो चुके हैं। सरकार ने हाल ही में मेट्रो के पहले फेज का काम भी चालू कर दिया है जिसके तहत वर्ष 2022 तक लोगों को पांच डिब्बे की मेट्रो रेल मुहैया कराने की तैयारी है। यात्री सेवा को बेहतर करने के लिए शहर में संचालित प्रायवेट कैब कंपनियों ने अपने 3 हजार वाहन सडक़ों पर उतार दिए हैं जिससे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना अब पहले से ज्यादा आसान और किफायती हो गया है।
ब्रिज- अरेरा कॉलोनी से होशंगाबाद रोड को जोडऩे रेलवे लाइन पर वीर सावरकर ब्रिज तैयार किया गया। एक ब्रिज पुराने शहर के जीएडी चौराहे पर विकसित हुआ। लाभ ये रहा कि अब बारिश के दौरान जब हबीबगंज अंडरब्रिज में पानी जमा होता है तो लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करना पड़ती। गणेशमंदिर के पास से ब्रिज चढकऱ आरआरएल तिराहे पर निकला जा सकता है। जाम से काफी राहत मिली।
पार्किंग- शहर के विस्तार के साथ बढ़ी पार्किंग समस्या के हल के तौर पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च के साथ मल्टीलेवल पार्किंग लेकर आए। न्यू मार्केट और एमपी नगर जैसे पॉश और महत्वपूर्ण क्षेत्र में ये दस हजार वाहनों को स्थान दे रही है। मल्टीलेवल पार्किंग ने वाहनों को तो स्थान दिया ही है, एक नया शॉपिंग सेंटर, बाजार एरिया भी विकसित कर दिया।
सफाई- भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा मिला हुआ है। कचरा अब पहले की तरह खाली प्लॉट में नहीं फेंका जाता। निगम की गाड़ी घर पहुंचती है। कचरे को एकत्र करने के साथ इसका परिवहन मजबूत करने दस ट्रांसफर सेंटर विकसित किए, जिसमें इसे कंप्रेस कर दिया जाता है। 20 गाड़ी का कचरा एक ही गाड़ी में भरकर भेजा जाता है। शहरवासियों को इससे काफी राहत मिली।
जलप्रदाय - भोपाल में पानी के चार बड़े स्त्रोत तैयार हो गए हैं। पहले बड़ा तालाब ही सहारा था, इसके बाद कोलार और अब नर्मदा व केरवा भी जलापूर्ति के लिए तैयार है। बड़ा तालाब से निर्भरता लगभग खत्म हो गई है। नर्मदा और कोलार के साथ एक साल पहले केरवा डेम भी जलापूर्ति करने वालों की सूची में शामिल हो गया है। प्रबंधन बेहतर हो तो आगामी 20 साल तक पानी की दिक्कत नहीं है।
हवाई सेवा का विस्तार: पिछले साल तक राजधानी भोपाल हवाई मार्ग के जरिए महज दिल्ली और मुम्बई से जुड़ा हुआ था और रोजाना 8 से 10 उड़ानें संचालित होती थीं। जबकि इस साल भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट एविएशन मैप पर 11 शहरों से जुड़ गया है और रोजाना करीब 52 उड़ानें संचालित हो रही हैं। नागपुर और प्रयागराज के लिए भी इसी साल सीधी उड़ान शुरू होगी।
उच्च शिक्षा : राजधानी में इसी साल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन (एनआईडी) की सौगात मिली है। इसके अलावा भोपाल में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलोजी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजूकेशन एंड रिसर्च जैसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब 15 से अधिक संस्थान शुरू हो चुके हैं।
रेल परिवहन : राजधानी का हबीबगंज रेलवे स्टेशन को वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन में तब्दील करने का काम जारी है। यहां यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा राजधानी के मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी यात्री सुविधाओं के लिहाज से प्लेटफॉर्म नंबर-6 की ओर सर्वसुविधायुक्त नई बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। इसके अलावा अगले साल तक एक नंबर प्लेटफॉर्म की ओर भी सौन्दर्यीकरण का कार्य सम्पन्न हो जाएगा।
फिल्मों की शूटिंग : वैसे तो मप्र में पहली बार वर्ष 1952 में ‘आन’ फिल्म की शूटिंग हुई थी लेकिन पिछले कुछ सालों में प्रदेश में फिल्म, सीरियल्स और वेब सीरीज की शूटिंग की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। प्रदेश में 100 से ज्यादा फिल्में, 50 से ज्यादा सीरियल्स और 10 से अधिक वेब सीरीज की शूटिंग हो चुकी है। वहीं वर्तमान में 4 फिल्म, सीरियल और वेब सीरीज की की शूटिंग जारी है। इसके पीछे सबसे महत्वपूर्ण वजह मप्र में फिल्म फ्रैंडली वातावरण का होना है।
बढा पर्यटन : पर्यटन के नजरिए से मप्र में अपार संभावनाएं हैं, इसके बावजूद भी इस साल विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर मप्र पर्यटन को लगातार तीसरे साल 10 राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इस साल बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म स्टेट का खिताब भी मिला है। इसके अलावा मप्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर करीब 7 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, इनमें तीन करोड़ विदेशी पर्यटक भी थे।
स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार
- हमीदिया को दो हजार बिस्तर का अस्पताल बनाने के लिए भवन का निर्माण जारी है। भवन इस साल (मई 2019) में बनकर तैयार होगा। इसके साथ ही हमीदिया अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल बन जाएगा। यहां सुपरस्पेशलिटी सेवाएं भी मिलेंगी।
- हमीदिया अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू किया जा रहा है। यह प्रदेश का पहला सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर है। यहां मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त ट्रांसप्लांट सुविधा मिलेगी। यही नहीं आम मरीजों को भी ट्रॉसप्लांट के लिए महज 4 लाख रुपए ही खर्च करने होंगे।
- जेपी अस्पताल में जल्द ही ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट शुरू किया जाएगा। इससे मरीजों को अस्पताल में ही वातावरण जैसी स्वच्छ और प्राकृतिक ऑक्सीजन मिलेगी। इससे मरीजों के जल्दी स्वस्थ्य होने का उम्मीद बढ़ जाएगी।
अगले स्थापना दिवस तक यह प्रोजेक्ट और बेहतर करेंगे शहर की स्थिति
स्मार्टसिटी- टीटी नगर के 342 एकड़ क्षेत्रफल में स्मार्टसिटी विकसित की जा रही है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस विशेष क्षेत्र में रहवास और व्यवसायिक के साथ तमाम गतिविधियां होगी। काम अभी चल रहा है।
दो बड़े ब्रिज भी तैयार- बावडिय़ा कलां रेलवे क्रॉसिंग और सुभाष नगर रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। काम लगभग पूरा हो चुका है। दोनों ब्रिज शुरू होने से करीब सात लाख की आबादी को सीधा लाभ होगा।
मेट्रो ट्रेन- मेट्रो ट्रेन के दो रूट्स पर काम शुरू हुआ है। एम्स से करोंद और भदभदा से रत्नागिरी के बीच मेट्रो लाइन के लिए जमीनी काम चल रहा है। दावा है अगले तीन से चार साल में पहले दो रूट तैयार होंगे तो भोपाल मेट्रो ट्रेन वाला शहर बन जाएगा। वल्र्ड क्लास स्टेशन- हबीबगंज वल्र्ड क्लास स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा।
घर बैठे मिलेगा अस्पताल का पर्चा
हमीदिया सहित सभी सरकारी अस्पतालों में एचआईएमएस सुविधा लागू की जाएगी। इससे मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। मरीज अपने मोबाइल से ही अपॉइटमेंट बुक कर सीधे डॉक्टर के पास पहुंचेंगे।
मिलेगा स्वास्थ्य का अधिकार
प्रदेश के हर गरीब परिवार को इलाज के लिए राईट टू हेल्थ (स्वास्थ्य का अधिकार) लेकर आ रही है। इसे महाआयुष्मान नाम दिया जा रहा है। इसका फ ायदा यह होगा कि गरीबों की तरह उच्च और मध्यम वर्गीय परिवारों का भी अनिवार्य बीमा कराया जाएगा। अभी आयुष्मान के तहत 1 करोड़ 40 लाख परिवार मुफ्त इलाज के दायरे में आते हैं, लेकिन अब 1 करोड़ 88 लाख परिवार इसका फ ायदा पाएंगे।
एक्सपट्र्स के अनुसार अभी भोपाल के लिए यह भी जरूरी
- बीडीए के पूर्व चीफ आर्किटेक्ट अवनीश सक्सेना का कहना है कि सडक़ों के साथ नए ब्रिज प्लान करने की जरूरत है। फुटपाथ व सायकिलिंग के लिए अलग ट्रेक विकसित करना होगा, ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके। उनके अनुसार कोलार के मंदाकिनी, सर्वधर्म से चूनाभट्टी, रोशनपुरा से पोलीटेक्रिक चौराहा, बैरागढ, बोर्ड ऑफिस कुछ ऐसे स्थान है जहां ट्रैफिक की दिक्कत बढ़ रही है और ब्रिज प्लान करने की जरूरत है।
- स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अब्दुल मजीद का कहना है कि शहर में 10 से 12 नए व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं। ऐसे में आवाजाही के नए रास्ते बनाने की जरूरत है। बाजारों को व्यवस्थित करने के साथ नो व्हीकल जोन बनाना चाहिए। रहवासी और व्यवसायिक गतिविधियों को एक साथ करने के नियम बनाने की जरूरत है।
Updated on:
01 Nov 2019 10:42 am
Published on:
01 Nov 2019 10:42 am
