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भोपाल के महापौर का केबिन कितना बड़ा होगा और क्या होंगी यहां की व्यवस्थाएं?

- ISBT में बीसीएलएल कार्यालय की ऊपरी मंजिल पर बन रहा महापौर कार्यालय, कक्ष में मेयर के साथ एक साथ बैठ सकेंगे 15 लोग - 800 वर्ग फीट का होगा महापौर का केबिन, तीन कॉन्फ्रेंस रूम भी होंगे

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भोपाल। नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर मालती राय के लिए आईएसबीटी में बीसीएलएल कार्यालय की ऊपरी मंजिल पर महापौर कार्यालय तैयार किया गया है। महापौर का केबिन 800 स्क्वायर फीट का होगा। इसमें ही कॉन्फ्रेंस रूम भी होंगे। प्रेजेंटेशन और बैठकों के लिए भी जगह होगी। नगर निगम की सिविल इंजीनियरिंग शाखा ने ये कक्ष गुरुवार को ही तैयार कर दिया था।

महापौर कार्यालय कक्ष के साथ निगम परिषद अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय भी यहीं बनाए गए हैं। महापौर का कार्यालय कक्ष अन्य से बड़ा है। यहां महापौर के साथ करीब पंद्रह लोगों के बैठने की व्यवस्था है। महापौर परिषद की बैठक करना हो तो यहीं हो सकती है। यहीं से परिषद सभागार में जाने का रास्ता भी है। पार्षदों के लिए परिषद हॉल के पास ही पहले से बना हुआ हॉल खोल दिया गया है।

अब तक नहीं निकले महापौर, पार्षद -
भोपाल में पानी से परेशानी के बावजूद महापौर-पार्षद सक्रिय नहीं हुए हैं। महापौर सामान्य भेंट व दौरे कर रही हैं लेकिन परेशानियों में फंसे लोगों के बीच वह अब तक नहीं पहुंची। यही स्थिति ज्यादातर पार्षदों की है। पुराने पार्षद ही इस समय जनता की समस्या निगम के माध्यम से दूर करवा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ समय छत्तीसगढ़ और एमपी बार्डर से लगे एक रिसॉर्ट में रूकने के बाद सभी लोगों को राजस्थान ले जाया गया था। वर्तमान में भी यह सदस्य धार्मिक स्थल की यात्रा पर हैं। सूत्रों की मानें तो ठीक वोटिंग से पहले यह सदस्य सामने आएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के जारी कार्यक्रम के तहत 27 और 28 जुलाई को जनपद और 29 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष के लिए निर्वाचन होना है। इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक अपनों की बाड़ाबंदी कर उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा रहा है।

MIC को उनके विभागों में जगह
महापौर परिषद सदस्यों के लिए विभागवार उनके विभागों में अलग से कक्ष तैयार करवा दिए हैं। सिविल शाखा का जिम्मा जिसके पास होगा, वह जोन 14 यानी स्मार्टसिटी कार्यालय भवन में बैठेगा, जबकि परिवहन के प्रभार वाले को बीसीएलएल में कक्ष मिलेगा। ट्रांसपोर्ट के जिम्मेदार एमआइसी को लिंक नंबर दो स्थित केंद्रीय कर्मशाला में ऑफिस दिया गया जाएगा। इसी तरह अन्य विभागों में उनके संबंधित एमआइसी बैठेंगे। इसी तरह पार्षदों के लिए वार्ड कार्यालयों में पहले से बने कमरे तैयार करवा दिए गए हैं।