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एमपी में सब्जियों पर दोहरी मार, ओलावृष्टि के चलते हो गईं नष्ट-उजड़ गए खेत

Vegetables- डिमांड कम होने से गिरे थोक के भाव, इधर ओलावृष्टि के चलते राजधानी के आसपास क्षेत्रों में फसलें नष्ट एलपीजी संकट ने होटल के मेनू से गायब की सब्जियां, किसानों को नुकसान

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Vegetable Crops Destroyed by Hailstorm in MP

Vegetable Crops Destroyed by Hailstorm in MP

Vegetables- अमरीका-ईरान युद्घ का असर सब्जी कारोबार पर दिखने लगा है। मंडी में ग्रीष्मकालीन सब्जियों की आवक तो बराबर हो रही है लेकिन डिमांड सीमित होने के चलते किसानों की उपज औने-पौने दामों में बिक रही है। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन बड़ी मात्रा में मंडी पहुंचने वाली ​सब्जियों के सही दाम और बिक्री न होने के चलते हरी सब्जियां गोशालाओं में भेजी जा रही है। वहीं प्रदेश में पिछले 2-3 दिनों से बदले मौसम के मिजाज के चलते ओलावृष्टि ने सब्जी के खेतों को काफी नुकसान पहुंचाया है। एलपीजी के चलते होटल-ढाबों में डिमांड गिरी होटल-रेस्त्रां, ढाबों सहित स्ट्रीट फूड वेंडर्स को डिमांड के अनुरूप कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे। इसका असर उनके कारोबार के साथ सब्जी उत्पादक किसानों पर पड़ा है।

हॉस्टलों से होटल तक गैस संकट में भोजन पकाने में दिक्कतों में सब्जियों की बिक्री गिरी। जबकि मंडी में बड़ी मात्रा में सब्जियां पहुंच रही हैं।

ओलावृष्टि के चलते सब्जियों के खेत उजड़े

प्रदेश में सब्जियों की कम डिमांड की मार झेल रहे किसानों के लिए मौसम ने चुनौती और बढ़ा दी है। पिछले 2-3 दिनों से प्रदेश के कई जिलों में ओला-पानी के हालात बने हैं। इसमें सब्जी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ। मुलताई के आसपास परसठानी, धारणी, परमंडल समेत अन्य गांवों में ओलों की मार से टमाटर पूरी तरह खराब हो गए। यहीं हाल भिंडी, फूलगोभी, बैगन का भी हुआ। जबकि पालक, धनिया, मैथी तो मिट्टी में मिल गई।

यूं कम हुए सब्जियों के थोक के भाव

सब्जी वर्तमान 7 दिन पहले
टमाटर 8-10 15-20
पत्ता गोभी 5-8 8-10
खीरा 6-15 8-15
कद्दू 7-8 8-10
बरबटी 15-20 20-25
हरी मिर्च 20-40 40-60
लौकी 8-10 10-12
फूल गोभी 8-10 12-14
आलू 5-10 8-10
शिमला 25-30 30-40
भिंडी 25-30 30-40
(करोंद थोक मंडी के व्यापारियों के अनुसार)

निर्यात प्रभावित होने का भी पड़ा असर

प्रदेश से खाड़ी देशों में निर्यात ठप होने का भी हरी सब्जी उत्पादक किसानों पर असर पड़ रहा है। भोपाल (बिट्टन मार्केट) के सब्जी व्यापारी हरिओम खटिक की मानें तो निर्यातक जहाज फंसे हुए हैं। प्रदेश से कंटेनरों में भरकर कुछ दिन पहले भेजी गई सब्जियों की खेप फंस कर बड़ी मात्रा में खराब हुई। इसका भारी नुकसान भी निर्यातकों को हुआ। अब निर्यात ठप होने के बाद पूरा व्यापार क्षेत्रीय बाजार पर निर्भर है। वहीं एलपीजी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से होटल-हॉस्टल में भी दिक्कतों के चलते डिमांड पर काफी असर पड़ा है।

होटल एंड रेस्टॉरेंट एसोसिएशन भोपाल के अध्यक्ष तेजकुल सिंह पाली के अनुसार एलपीजी की कमी से होटल वाले कम ही सब्जियां मंगा रहे हैं। इसमें भी कम गैस पर पकने वाली सब्जियां ही तैयार कर रहे हैं। कई छोटे होटल बंद होने का भी असर है।

गायत्री शक्तिपीठ, भोपाल के जिला समन्वयक रमेश नागर बताते हैं कि मंदिर की गोशाला में भक्तगण खीरा, लौकी, गिलकी, टमाटर जैसी सब्जियां ज्यादा लेकर आ रहे हैं। मंडी में ये सब्जियां उन्हें पशु आहार से सस्ती मिल रही हैं।