
भोपाल/जबलपुर। हाईकोर्ट ने भोपाल के पूर्व नवाब स्व हाजी मोहम्मद हमीदुल्ला खान बहादुर की संपत्ति के बंटवारे के मामले में तीन नए पक्षकार बनाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि व जहां तक सैफिया एजुकेशन सोसाइटी का मामला है तो उनका एग्रीमेंट 1985 में हुआ था, इसलिए उनका आवेदन स्वीकार किया था। इस मत के साथ हाईकोर्ट ने उक्त मांग से जुड़े आवेदन अस्वीकार कर दिए।
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भोपाल में खसरा क्रमांक 47, 48, 50 एवं 51 स्थित करीब 58 एकड़ नवाब की जमीन के बंटवारे को लेकर उनके वारिसों ने वर्ष 2000 में हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जो लंबित है। इसी बीच प्रिया गुड्स ने 2021 में आवेदन पेश कर कहा कि उन्होंने भी 15 नवंबर 2011 को नवाब के वारिसों से जमीन का सौदा किया है।
यह दलील भी दी गई कि पूर्व में सैफिया एजुकेशन सोसाइटी के आवेदन को स्वीकार कर उन्हें आवश्यक पक्षकार बनाया गया था। प्रिया गुड्स प्रायवेट लिमिटेड, एएण्डए रियल इस्टेट प्रायवेट लिमिटेड और मोहम्मद अतीक ने आवेदन पेश कर कहा कि उन्होंने नवाब के वारिसों से उक्त जमीन खरीदने का एग्रीमेंट किया है, इसलिए इस मामले में उन्हें भी पक्षकार बनाया जाए।
अनावेदक साहिबा सुल्तान की ओर से अधिवक्ता राजेश पंचोली ने आवेदन पर आपत्ति पेश कर तर्क दिया कि हाईकोर्ट ने वर्ष 2000 में उक्त संपत्ति को बेचने या खुर्दबुर्द करने पर रोक लगा दी थी। आवेदक ने इस तिथि के बाद का एग्रीमेंट पेश किया है।
Published on:
25 Mar 2022 01:00 pm

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