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ऐ अल्लाह, दुनिया को इल्म के नूर से रोशन कर दे…

भोपाल. ऐ अल्लाह, सारी दुनिया को इल्म के नूर से रोशन कर दे... ऐ अल्लाह सारी कायनात में अमन, सुकून, भाईचारे की हवाएं चला दें... ऐ अल्लाह इस शहर, सूबे, मुल्क को कामयाबी, तरक्की की बुलंदियां बख्श दे... ऐ अल्लाह दुनिया के हर इंसान को सच्चाई, ईमानदारी और हक पर चलने की आसानी फरमा दे... इज्तिमा में शिरकत करने वालों, इसके इन्तजाम करने वालों, इसकी तैयारी में मदद करने वालों की तमाम जायजा हाजतों को पूरा कर दे...

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ऐ अल्लाह, दुनिया को इल्म के नूर से रोशन कर दे...

ऐ अल्लाह, दुनिया को इल्म के नूर से रोशन कर दे...

2 हजार जमातें रवाना
इ न दुआओं के साथ चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का सोमवार को समापन हो गया। मौलाना साद साहब ने सुबह साढ़े नौ बजे इज्तिमागाह में दुआ कराई। लाखों लोगों ने दुआ में शिरकत की। मैदान, खेत, रास्ते जिसको जहां जगह मिली दुआ के हाथ फैला कर बैठ गया। इस बार दस लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें शिरकत की है। दुआ के समय में देर रात बदलाव होने के कारण बड़ी संख्या में लोग रास्तों पर ही रह गए। पहले दुआ का समय 11 बजे तय हुआ। जाने वालों को देरी न हो इसके चलते इसे सुबह 9 बजे कर दिया गया। दुआ के बाद दोपहर तक देशभर में करीब दो हजार जमातें रवाने हुईं हैं। कुछ लोग मंगलवार को जाएंगे। इंतेजामिया कमेटी ने सफल आयोजन के लिए सभी का आभार जताया।

छह बुनियादी बातों पर केन्द्रित रहा इज्तिमा
चार दिवसीय इज्तिमा छह बुनियादी बातों पर केन्द्रित था। इन चार दिन उलेमा ने बताया हम मानने वाले बनें। इसका मतलब कुरान में दी गई सीख से है। नियमों से है। जानकारों की बातों से है। उलेमा की हिदायत और सीख से है।

22 हजार ने पिया यूनानी काढ़ा
सर्दी से बचने यहां यूनानी काढ़ा चार दिन में करीब 22 हजार लोगों ने पिया। इसे बनाने इज्तिमा शुरू होने के दौरान कढ़ाव चढ़ाया गया था। यह समापन के बाद भी चढ़ा रहा।

सिख समाज ने लगाया शिविर
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित शहर के मुख्य स्थानों पर चाय नाश्ते और पानी के इंतजाम कई समाजों की ओर से नजर आए। सिख समाज की ओर से कैम्प लगाया गया था। जमाते इस्लामी ने भोपाल टॉकीज पर व्यवस्था की थी। मुस्लिम समाज की कई बिरादरियों के नाम से फूड जोन में स्टाल लगे थे। फ्री मेडिकल कैम्प अस्पतालों की ओर से थे। इसके अलावा करोंद के पास वाहनों की मुफ्त रिपेयङ्क्षरग के लिए कुछ लोग तैनात थे।

झलकियां
- अस्थायी टॉवर के बावजूद इज्तिमागाह के आसपास मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त।
- इज्तिमागाह पर बड़ा चार्जिंग प्वाइंट लगाया गया।
- पार्किंग में निकला सांप निगम अमले ने इसे पकडक़र दूर जंगल में छोड़ दिया।
- इज्तिमागाह स्थल पर लाउड स्पीकर से मैनेजमेंट का इस्तेमाल किया गया जिससे ध्वनि प्रदूषण नहीं हुआ।
- दुआ के बाद लाखों लोगों की व्यवस्थित रवानगी हुई।
- पहले दो और चार पहिया वाहनों को छोड़ा गया। बाद में बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों को रवाना किया गया।