एडवोकेट भटनागर ने बताया कि 29 सितंबर 2011 को उज्जैन निवासी रितेश प्रजापति रतलाम से उज्जैन आ रहा था। रितेश पैसेंजर ट्रेन में अपनी पत्नी, बेटे और भाई के साथ था, ट्रेन में काफी भीड़ थी, नागदा के पास ट्रेन में जर्क लगने से रितेश ट्रेन से गिर पड़ा। जीआरपी ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, बाद में परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां करीब एक महीने तक उसका ट्रीटमेंट चला। हादसे के कारण उसकी स्पाइनल कॉड फ्रैक्चर हो गई थी।