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अटक गए नए शहर के तीनों स्टेडियम

नाथू बरखेड़ा में बनने वाले स्टेडियम का अता-पता नहीं, बंजारी मैदान के स्टेडियम की अभी तक बाउंड्री भी नहीं...

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अटक गए नए शहर के तीनों स्टेडियम

भोपाल. इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम सरकारी कामकाज में अजगर चाल एक और जीवंत उदाहरण है। राजधानी में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक इंटरनेशनल स्टेडियम बनाने की घोषणा के आठ वर्ष बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। धरातल पर अभी एक इंच भी काम नहीं हुआ है। कई वर्ष तो स्टेडियम के लिए जमीन देने में ही लग गए। अब सरकार बदलने पर थोड़ी उम्मीद अवश्य जागी है।


उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इंदौर और ग्वालियर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पहले से हैं, लेकिन भोपाल में स्टेडियम नहीं होने के कारण यहां के लोगों को मैच देखने के लिए इंदौर, ग्वालियर और नागपुर जाना पड़ता है। इसलिए यहां इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाए जाने की जरूरत महसूस की गई। 30 मार्च 2011 को मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच के दौरान भारत की जीत पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने इसके लिए जमीन आरक्षित कर दी थी, जिसे राजस्व विभाग की मंजूरी के लिए भेजा गया था।

पर्यावरण और अन्य विभागों की अनुमति के चलते तभी से जमीन का मामला अटका हुआ था। राजधानी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए सीहोर रोड स्थित बरखेड़ा नाथू में तय की गई, स्टेडियम के लिए 50.43 एकड़ जमीन का आवंटन करने में ही साढ़े चार साल लग गए।

एसडीएम हुजूर ने बताया कि ग्राम बरखेड़ा नाथू में स्टेडियम के लिए जमीन को खसरे में दर्ज हो गया है। इसके लिए 20.42 हैक्टेयर (लगभग 50.43 एकड़) जमीन आवंटित की है। हाल ही में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बरखेड़ा नाथू जाकर अधिकारियों से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की स्टेटस रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा।

मंत्री ने स्टेडियम के निर्माण के लिए दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद बताया कि निर्माण कार्य चार चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण पूरा होने पर स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ी मैदान पर खेल सकेंगे। मंत्री ने खेल एवं युवक कल्याण संचालक एसएल थाउसेन से एक महीने में स्टेडियम की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने को कहा।

इस तरह का स्टेडियम बनाने की थी तैयारी
खेल विभाग के अधिकारियों पर यकीन करें तो भोपाल में ऐसा क्रिकेट स्टेडियम बनाए जाने की तैयारी थी, जो अपने दर्शकों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं होता। यहां एक फाइव स्टार होटल के साथ वो तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं भी होतीं, जो इन दिनों दुबई के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हैं। खेल विभाग की तैयारी दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की तर्ज पर भोपाल को यह सौगात देने की थी, लेकिन जमीन आवंटन में ही वर्षों लग गए।


भोपाल के स्टेडियम की लागत 100 करोड़ के आसपास आंकी गई थी, जिसका निर्माण कार्य नवम्बर 2016 से शुरू होना था, लेकिन अभी तक कोई काम धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। स्टेडियम के पास एक फाइव स्टार होटल, इंटरनेशल स्तर का जिम, स्ंिवमिंग पूल और मार्केट विकसित करवाया जाना था। स्टेडियम में एयर कंडीशंड 50 कारपोरेट बॉक्स और 70 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जानी थी।

सा है दुबई का स्टेडियम
करीब 52 एकड़ में फैला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम 2009 में बनकर तैयार हुआ था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई यात्रा के दौरान वहां 46 हजार एनआरआई को एक साथ संबोधित किया था। अनुमानत: स्टेडियम के निर्माण पर लगभग 30 अरब रुपए खर्च हुए।

यहां फाइव स्टार होटल, शानदार रिसॉर्ट, ओपन मार्केट, इंडोर क्रिकेट हॉल, अत्याधुनिक जिम, 6 स्विमिंग पूल, 4 हजार कारों की पार्किंग और 50 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इसके अलावा स्टेडियम की छत बारिश होने पर ऑटोमेटिकली बंद हो जाती है। यानि यहां बारिश में भी मैच खेले जा सकते हैं। स्टेडियम की फ्लड लाइट पोल पर नहीं बल्कि स्टेडियम की छत पर लगी हैं।

यह है मौजूदा स्थिति
इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की जगह पर पूर्व में पशुपालकों की डेरियों को विस्थापित किया गया था, लेकिन सुविधाओं के अभाव में डेरी संचालक वहां से फिर वापस लौट आए। यहां सौ से अधिक डेरियां को जगह दी गई थी, जिनमें दो-चार ने हटमेंट भी बना लिए थे।

यहां जमीन पाने वाले डेरी संचालक नंदकिशोर, शम्मू मियां, कैलाश साहू, धीरेन्द्र सिंह, राकेश सिंह, सुनील साहू, कदीर अंसारी, राजकिशोर, प्रभु पाल, राजेश पाटिल आदि ने बताया कि काफी पहले डेरी विस्थापन तो किया गया, लेकिन कोई सुविधा नहीं दिए जाने के कारण वापस शहर में आना पड़ रहा है। इन डेरी संचालकों से स्टेडियम के लिए जमीन अब खाली कराई जा रही है, लेकिन उन्हें दूसरी जगह जमीन नहीं दी गई।

जरा सी फेंसिंग के बाद काम बंद
बंजारी दशहरा मैदान में स्टेडियम बनाने का काम काफी समय से बंद पड़ा है। जनप्रतिनिधियों ने पहले इसे सीपीए से बनवाने की बात कही, लेकिन सीपीए अधिकारियों ने मना कर दिया। इसके बाद इसे खेल विभाग से बनवाने के लिए प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया। बाद में इसे बीडीए से बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बंजारी मैदान पर नगर निगम ने किसी अन्य मद से लोहे की एक साइड में कुछ दूर फेंसिंग अवश्य करवाई, लेकिन भुगतान नहीं होने पर ठेकेदार काम बंद करके चला गया। विधायक रामेश्वर शर्मा का दावा है कि उनके पास स्टेडियम के लिए 12-15 एकड़ पर्याप्त स्थान है। उन्होंने प्रयास कर इस ग्राउंड का समतलीकरण भी करवाया है और एक तरफ नगर निगम से कुछ फेंसिंग भी करवाई है।

हिनौतिया आलम में फिर काम शुरू
हिनौतिया आलम में मिनी स्टेडियम के लिए भूमि-पूजन काफी पहले किया गया था। विधानसभा चुनाव से पहले ही इस स्टेडियम को बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन ऐसा बताया गया कि ठेकेदार को भुगतान न होने से बीच में काम बंद कर दिया गया था। अब यहां फिर से काम शुरू हो गया है। इस स्टेडियम का निर्माण नजमा हेपतुल्ला की सांसद निधि से कराया जा रहा है। इसका काम जल्द पूरा होने वाला है।


हां, नाथू बरखेड़ा में इंटरनेशनल स्टेडियम बनाने का काम मैं देख रहा हूं, लेकिन इस समय आदर्श आचार संहिता के चलते कुछ नहीं बोल सकता।
- बीएस यादव, ज्वाइंट डायरेक्टर-स्पोट्र्स

हिनौतिया आलम का स्टेडियम तो लगभग पूरा है, लेकिन बंजारी मैदान में स्टेडियम का काम बंद पड़ा है। खेल विभाग ने इसे बनाने से इनकार कर दिया तो अब बीडीए से बनवाने का प्रयास किया जा रहा है।
- रामेश्वर शर्मा, विधायक

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