
मानसूनी बादलों की मेहरबानी नहीं हुई तो भोपाल में भी 'सूखे' जैसे हालात
भोपाल. जुलाई के दो सप्ताह बीतने तक बादलों की बेरुखी का असर आंकड़ों पर दिखाई देने लगा है। जिले में शनिवार तक वर्षा का आंकड़ा मानसून के सामान्य औसत से मात्र तीन मिमी अधिक रह गया था। यदि रविवार को भी बादल मेहरबान नहीं हुए सीजन में पहली बार बारिश, मानसून के सामान्य स्तर से नीचे आ जाएगी। हालांकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में शहर में गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे का अनुमान जताया है।
सामान्य से ज्यादा रहा तापमान
शहर में शुक्रवार से हवाओं की दिशा बदलनी शुरू हो गई है। इसके चलते न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस गिरकर 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। दिन में आमसान खुला रहा। इससे लोग उमस और गर्मी से परेशान रहे। इसके चलते अधिकतम तापमान शुक्रवार की अपेक्षा 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
बौछारें पडऩे का अनुमान
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने बताया कि, मानसून द्रोणिका ऊपर आ गई है, जिसके चलते प्रदेश में नमी आनी शुरू हो गई। इसके असर से कई हिस्सों सहित राजधानी में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे का अनुमान है
पिछले सप्ताह के आखिरी दिन बादल कुछ बरसे थे, लेकिन इस सप्ताह के छह दिनों में एक भी दिन पानी नहीं बरसा है।
फसलों पर असर
बादलों की बेरुखी अब फसलों पर भी भारी पड़ रही है। किसान मायूस हो रहे हैं। धान, सोयाबीन की फसल को पानी की जरूरत है, लेकिन नाउम्मीदी हाथ लग रही है। जिन किसानों ने पहले बोवनी कर दी थी, उनकी फसल पर विपरीत असर दिखाई देने लगा है।
Published on:
18 Jul 2021 01:34 am
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