
भाजपा को छोड़ विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने आप का दामन थामा
विदिशा। चुनाव से ठीक पहले भाजपा को लगातार एक के बाद एक बड़े झटका लग रहे हैं। इसके तहत जहां एक ओर भाजपा के मंत्री गौरी शंकर बिसेन के खिलाफ विशेष अदालत ने वारंट जारी किया है। वहीं विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने वायुसेना से सेवानिवृत्ति के बाद भाजपा की सदस्यता के प्रस्ताव को ठुकराते हुए अब आम आदमी पार्टी में का दामन थाम लिया है।
उन्होंने भाजपा की सदस्यता के प्रस्ताव को ठुकराकर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल से अनुमा आचार्य ने आप की सदस्यता ली। माना जा रहा हे कि उन्हें प्रदेश प्रवक्ता का पद दिया जाएगा। लेकिन पार्टी उन्हें विदिशा से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा सकती है, जिसके लिए अनुमा तैयार हैं।
कहा जा रहा है कि सेवानिवृत्ति से पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भाजपा में सक्रिय होकर कुछ बेहतर करने की इच्छा जता चुकीं अनुमा का भाजपा में प्रवेश से पहले ही मोहभंग हो गया।
अनुमा के अनुसार उन्हें पहले महिला मोर्चा और फिर प्रदेश की कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया था, जिसे मैंने स्वीकार करने से इंकार कर दिया, क्योंकि इसमें करने को ज्यादा कुछ नहीं था।
अनुमा की मानें तो पिछले चार माह से आम आदमी पार्टी के नेता उनके संपर्क में थे। वे मनीष सिसौदिया और आलोक अग्रवाल से भी मिलीं और पार्टी में शामिल होने की स्वीकृति दे दी। अनुमा कहती हैं कि अभी तक पार्टी ने विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए नहीं कहा है, लेकिन यदि पार्टी का आदेश होगा तो वे पीछे भी नहीं हटेंगी। वहीं सूत्रों के अनुसार अनुमा को विदिशा से चुनाव लड़ाया जा सकता है।
इधर, कृषि मंत्री गौरी शंकर के खिलाफ वारंट जारी:
वहीं दूसरी ओर शिवराज सरकार के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन के खिलाफ सांसद-विधायकों के प्ररकणों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने शनिवार को गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
कोर्ट ने बिसेन को 26 अक्टूबर तक कोर्ट में उपस्थित होने का फरमान सुनाया है। कोर्ट ने 2015 के मामले में यह निर्णय सुनाया है।
जानकारी के अनुसर बिसेन के विरुद्ध 2015 जिला न्यायालय पन्ना में पंजीबद्ध अपराधिक प्रकरण स्थानांतरित होकर भोपाल आया। इस मामले में विशेष न्यायालय एमपी एमएलए के लिए गठित विशेष न्यायालय के 21वें न्यायाधीश सुरेश सिंह जिला न्यायालय भोपाल की कोर्ट ने 5000 का जमानती वारंट जारी किया है।
ऐसे समझें मामला...
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष संजय नागायच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के निर्वाचित बोर्ड को भंग किया था। साथ ही बिसेन ने जातिसूचक शब्दों को लेकर पंडित तू चोर है कहा। इस संबंध में जबलपुर हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट ने बैंक के बोर्ड एवं अध्यक्ष संजय नगायच को बहाल कर दिया था।
उसके बाद संजय नागायच ने बिसेन के खिलाफ मानहानि के तहत आपराधिक व सिविल प्रकरण दर्ज कराया था। जिसमें तत्कालीन सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन को मुख्य आरोपी बनाया गया था। संजय नगायच के अधिवक्ता निशांत गोयल ने कहा कि कोर्ट ने मंत्री बिसेन के खिलाफ वारंट जारी किया है।
Updated on:
7 Oct 2018, 1:04 PM IST
Published on:
7 Oct 2018, 1:02 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.