B’Day: कभी सुसाइड करना चाहते थे कैलाश खेर, जानिए उनकी जिंदगी से जुडी रोचक बातें

कभी सुसाइड के लिए सोचने वाले कैलाश खेर का आज जन्मदिन है.

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Jul 07, 2016
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कभी सुसाइड के लिए सोचने वाले कैलाश खेर का आज जन्मदिन है. कैलाश का जन्म कश्मीरी पंडित परिवार में मेरठ उत्तर-प्रदेश में हुआ था। पिछले दिनों भोपाल आए खेर ने अपनी आवाज से युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. कैलाश ने बहुत दिनों तक मुंबई में रहते हुए गरीबी के दिन गुजारे हैं। एक वक्त ऐसा भी आया जब वो आत्महत्या करने तक को सोच चुके थे।

मेरठ में जन्म
मेरठ में जन्मे कैलाश खेर को संगीत विरासत में मिला है। उनके पिता पंडिम मेहर सिंह खेर पुजारी थे और अक्सर घरों में होने वाले इवेंट में ट्रेडिशनल फोक गाया करते थे। वह एक एमेच्योर म्यूजिशियन थे। 'अल्ला के बंदे हंस दे', 'रब्बा इश्क न होवे' गीत से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने वाले कैलाश खेर ने बहुत कम समय में ही अपना मुकाम बना लिया लेकिन जब उन्हें अपने व्यवसाय में घाटा हुआ तो वो अपना जीवन समाप्त करना चाह रहे थे। खेर ने ये बात खुद एक इंटरव्यू के दौरान बताई थी।

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कैलाश खेर ने अबतक 18 भाषाओं में गाने गाया है और 300 से अधिक गीत बॉलीवुड में गाये है। महज 14 वर्ष की उम्र में गुरू की तलाश में वह अपने घर से निकल गए थे। खुद संगीत सीखने के बाद उन्होंने दिल्ली में म्यूजिक क्लास ज्वाइन कर ली और वहीं शाम की शिफ्ट में 150 रुपए प्रति सेशन के हिसाब से बच्चों को म्यूजिक सिखाने को राजी हो गए ताकि अपना खर्च निकाल सकें। कैलाश खेर की शादी शीतल खेर से हुई है।

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कैलाश खेर हिंदी सिनेमा में सूफी गानों के लिए जाने जाते हैं। मल्टीस्टारर फिल्म सलामे इश्क में उन्होंने या रब्बा गाने में अपनी आवाज दी। यह गाना उस दौर का सबसे हित गाना साबित हुआ था। उनकी गायकी का परचम सिर्फ हिंदी सिनेमा में ही नहीं बल्कि कन्नड़ और तेलुगु सिनेमा में भी लहरा रहा है।



Published on:
07 Jul 2016 01:41 pm
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