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भोपाल में बड़ी स्क्रीन पर लाइव चल रहा था पीएम का भाषण.. पढ़ें पूरी खबर!

पीएम के भाषण के दौरान फोन पर व्यस्त रहे भाजपा नेता

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pm

भोपाल। मंडला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ग्राम स्वराज कार्यक्रम को संबोधित किया। भोपाल में सात नंबर स्टाप पर यह कार्यक्रम बड़ी स्क्रीन पर लाइव दिखाने का इंतजाम जिला भाजपा कमेटी ने किया था। पीएम का भाषण सुनने के लिए नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे, लेकिन उनकी दिलचस्पी मोबाइल फोन पर ज्यादा थी। इस दौरान सांसद आलोक संजर, जिला अध्यक्ष और विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह, पार्षद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

जिला अध्यक्षों को थे भाषण सुनाने के निर्देश

पार्टी संगठन ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए थे कि पीएम का भाषण न्यूज चैनलों पर देखें। साथ ही कार्यकर्ताओं और आम लोगों को दिखाएं। भाषण बड़ी स्क्रीन पर लाइव चलाएं।

सुरेंद्रनाथ ने चेक किया फेसबुक एकाउंट

पीएम के भाषण के दौरान सांसद आलोक संजर के हाथ में कागज और कलम भी थी। वे भाषण के मुख्य बिंदु नोट कर रहे थे। बाद में ये बिंदु कार्यकर्ताओं से शेयर किए। सुरेंद्रनाथ सिंह अपने मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया पर व्यस्त रहे। कई कार्यकर्ता ऐसे भी थे जो मोबाइल फोन देख रहे थे। कुछ आपस में बातचीत करते रहे।

सोशल मीडिया पर सारे कार्यकर्ता पीएम के भाषण का ही प्रचार-प्रसार कर रहे थे। फेसबुक पर भी भाषण का लाइव प्रसारण किया जा रहा था।
- सुरेंद्रनाथ सिंह, जिला अध्यक्ष, भाजपा

पीएम के भाषण में कई बातें आम जनता के काम की हैं। उन्होंने जनधन की बात की। बंधन की बात की और गोवर्धन की बात की।
- आलोक संजर, सांसद, भोपाल

सप्रा बन सकते हैं पीसीसीएफ हॉफ

मनोज सप्रा पीसीसीएफ हॉफ (वन बल प्रमुख) बनाए जा सकते हैं। यह पद उन्हें दो वरिष्ठ दावेदारों वन विकास निगम और लघु वनोपज संघ में पदस्थ पीसीसीएफ रवि श्रीवास्तव व जब्बाद हसन के रहते देने की तैयारी है। दरअसल, यह दोनों वरिष्ठ अधिकारी दो और चार माह बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जबकि, सप्रा का कार्यकाल दिसम्बर 2018 तक है। उन्हें पीसीसीएफ हॉफ के पद पर आठ माह तक काम करने का मौका मिलेगा। सरकार श्रीवास्तव और हसन को पीसीसीएफ हॉफ का स्केल देकर जहां अभी हैं, वहीं पदस्थ रख सकती है। सरकार इस तरह दो बार पीसीसीएफ हॉफ की पदस्थापना कर चुकी है।

पहले एके दुबे को हॉफ बनाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें हटाकर आरके दवे को पीसीसीएफ हॉफ बनाया गया था। इससे पहले डीपी सिंह को पीसीसीएफ बनाया गया था। बाद में सरकार से नाराजगी के चलते उन्हें निगम का डिप्टी चेयरमैन बनाकर आरपी सिंह को पीसीसीएफ हॉफ बनाया गया था। इधर, वाइल्ड लाइफ प्रमुख के पद पर शहवाज अहमद को पदस्थ करने पर भी विचार किया जा रहा है। क्योंकि, अहमद पहले वाइल्ड लाइफ में एपीसीसीएफ के पद पर दो साल तक काम किया है।