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एक और भाजपा नेता कांग्रेस में जाने की तैयारी में…। यहां पढ़ें पूरी खबर

mp politics: मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले एक बार फिर राजनीतिक में हो सकता है घमासान...।

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भोपाल

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Manish Geete

Jul 03, 2023

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भाजपा के पूर्व मंत्री के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें।

महाराष्ट्र में दो दिन से चले घटनाक्रम के बाद मध्यप्रदेश में भी दल बदलने का सिलसिला तेज हो सकता है। पांच बार विधायक का चुनाव लड़ने वाले और महाकौशल के कद्दावर भाजपा नेता के कांग्रेस में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। इनके कांग्रेस में जाने की अटकलों को उस समय हवा मिल गई जब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के साथ उनकी मुलाकात हो गई।

मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी में एक बार फिर घमासान देखने को मिल सकता है। भाजपा के दिग्गज नेता हरेंद्र जीत सिंह बब्बू पिछले कुछ समय से अपनी ही पार्टी से नाराज हैं। वे लगातार संगठन में उपेक्षा से नाराज हैं। कुछ समय से वे भाजपा संगठन के खिलाफ चल रहे हैं। यहां तक कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के खिलाफ यहां तक कह चुके हैं कि उन्हें प्रदेश नेतृत्व से जान का खतरा है। पिछले चुनाव में उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं को खुद की हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था। महाकौशल पर फोकस कर रही भाजपा और कांग्रेस की लड़ाई के बीच इस बार टिकट को लेकर घमासान हो सकता है। हरेंद्र जीत सिंह बब्बू जिला संगठन और प्रदेश संगठन पर दबाव बनाने की राजनीति कर रहे हैं।

दिग्विजय से मुलाकात के मायने

भाजपा नेता हरेंद्र जीत सिंह बब्बू के कांग्रेस में जाने की अटकलों को उस समय हवा मिल गई जब भाजपा से नाराजगी के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के साथ उनकी मुलाकात हो गई। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर एक घंटे तक अकेले में चर्चा होती रही। हालांकि दिग्विजय सिंह इसे सामान्य सी सौजन्य भेंट बता रहे हैं। वहीं राजनीतिक जानकार इसके मायने निकालने लगे हैं। बब्बू का कहना है कि जब वे विधायक थे, तब दिग्विजय सीएम थे। काफी समय तक पक्ष-विपक्ष के नाते उनका मिलना-जुलना होता रहता था। इसी मित्रता के कारण यह सौजन्य भेंट एयरपोर्ट पर हुई थी। इसके राजनीतिक मायने नहीं निकालना चाहिए।

कौन हैं हरेंद्र जीत सिंह 'बब्बू'

महाकौशल के जबलपुर पश्चिम विधानसभा सीट से हरेंद्र जीत सिंह बब्बू 2013 और 2018 में विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट से हार गए थे। इस बार भी हरेंद्रजीत सिंह बब्बू तरुण भनोट के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से बब्बू भाजपा के जिला संगठन और प्रदेश भाजपा नेतृत्व से नाराज हैं। वे प्रदेश भाजपा नेतृत्व से जान का खतरा तक बता चुके हैं। हाल ही में हुई दिग्विजय सिंह से मुलाकात के बाद इसके मायने इसलिए भी निकाले जाने लगे क्योंकि इन दिनों भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में असंतुष्ट नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला चल रहा है। जबलपुर की राजनीति पर नजर रखने वाले कहते हैं कि यह सब बब्बू ने सोच-समझकर संगठन पर दबाव बनाने के लिए किया है, क्योंकि बब्बू को यह मालूम है कि कांग्रेस में यदि वे चले भी जाते हैं तो भी उन्हें कोई विशेष स्थान नहीं मिलेगा।


बब्बू पर आम आदमी पार्टी की नजर

भाजपा और कांग्रेस के घमासान के बीच मध्यप्रदेश में जमीन तलाश रही आम आदमी पार्टी की नजर भी ऐसे ही लोगों पर है। दोनों ही पार्टियों के असंतुष्ट नेताओं को आम आदमी में शामिल कराने की कवायद भी चल रही है। कई भाजपा नेताओं ने संकेत भी दिए हैं कि यदि टिकट नहीं मिलता है तो वे दूसरा रास्ता तलाश सकते हैं।

बब्बू को एक साल की सजा

भोपाल की अदालत ने 20 साल पुराने एक आपराधिक मामले में जबलपुर के पूर्व विधायक हरेंद्र जीत सिंह बब्बू को एक साल की जेल और दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबलपुर में 2000 को यह घटना हुई थी। अजाक थाने में मामला दर्ज हुआ था। मामला मामूली विवाद पर एसआई को कुर्सी फेंककर मारने का था। पुलिस ने बब्बू के खिलाफ गाली गलौज करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज किया था। हालांकि उन्हें सरकारी कामकाज में बाधा डालने के मामले में दोषी माना था, जबकि गाली गलौज की धाराओं में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

आईपीएस को अपशब्द कहे थे

बब्बू इससे पहले कई बार सुर्खियों में आ चुके हैं। पिछले साल नवंबर में अपने समर्थकों के साथ बब्बू ने गढ़ा थाने का घेराव किया था। वहां प्रदर्शन करते हुए आईपीएस आफिसर सीएसपी अमित तोलानी बब्बू पर भड़क गए थे। इस पर बब्बू ने धमकी दी और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखते हुए सीएसपी को कत्ता कह दिया था।

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