
The court ruled
रेत खनन के खिलाफ कार्यवाही करने वाले तहसीलदार को बीच रोड पर रोककर मारपीट- गालीगलोच, बलवे के मामले में अदालत ने पन्ना जिले के पवई से भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी और उनके 12 साथियों को 2 साल के सश्रम कारावास- 3-3 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। राजनैतिक मामलों के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेशसिंह ने यह फैसला सुनाया है।
हाईकोर्ट में अपील के लिए प्रहलाद लोधी को एक माह की मोहलत मिल गई। मामला वर्ष 2014 का है। जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि सतना जिले की तहसील रैपुरा में पदस्थ तहसीलदार आरके वर्मा ने 28 अगस्त 2014 को सिमरिया थाना अन्र्तगत रेत से भरी टे्रक्टर ट्राली को जब्त कर थाने में खडा करा दिया था। वापस लौटते समय ग्राम मडवा के पास प्रहलाद लोधी और साथियों ने बीच रोड पर मिक्सर मशीन खडी कर तहसीलदार वर्मा की जीप को रोककर मारपीट- गाली गलोच की थी।
मानहानि के मामले में पूर्व सांसद अर्गल सहित 2 को 6 माह की सजा
मानहानि के 20 साल पुराने मामले में अदालत ने मुरैना के पूर्व सांसद अशोक अर्गल और जय किशन शर्मा को 6 माह के कारावास- जुर्माने की सजा सुनाई है। राजनैतिक मामलों के गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश सिंह ने आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया की ओर से पेश निजी इस्तगासे पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है। राधेश्याम जुलानिया अगस्त 1997 मेंं मुरैना कलेक्टर थे। अशोक अर्गल ने 19 अगस्त1997 को सार्वजनिक रूप से कहा था कि मुरैना कलेक्टर के हर निर्माण कार्य में रिश्वतखोरी की बू आ रही है।
भ्रष्टाचार करने वाले सीएमओ कोरी से जुलानिया ने 5 लाख की रिश्वत ली है, नगरपालिका में 80 लाख का गोलमाल हुआ है। फर्जी रूप से 29 लाख रूपये के मस्टर निकाले गए हैं, इसमें 10 लाख का भ्रष्टाचार हुआ है। लोक निर्माण, खाद्य, आबकारी, कृषि उपज मंडी में भ्रष्टाचार जुलानिया के इशारे पर हो रहा है। इस संबन्ध में खबरें विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित हुई थी। इससे हुई मानहानि को लेकर जुलानिया ने अर्गल के खिलाफ निजी इस्तगासा लगाया था।
Updated on:
01 Nov 2019 08:07 am
Published on:
01 Nov 2019 08:07 am
