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भोपाल। जल्द ही मुंगावली व कोलारस में होने वाले दो उपचुनावों में से भाजपा कोलारस पर ज्यादा फोकस करेगी। वहीं मुंगावली पर वो ज्यादा ताकत नहीं लगाएगी। इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि चित्रकूट की हार के बाद पार्टी ने यह रणनीति तय की है, ताकि कमजोर पड़ रही मुंगावली सीट पर हार भी जाए तो यह दावा किया जा सके कि वहां पार्टी ने कम फोकस किया था। इसी के चलते कोलारस में तकरीबन आधा दर्जन कार्यों की आधारशिला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को रखी।
सीएम की एक हफ्तें में यह दूसरी कोलारस यात्रा थी। इसके पहले वे छह जून को किसान सम्मेलन में शामिल होने कोलारस पहुंचे थे। इससे पहले नवंबर में भी सीएम कोलारस का दौरा कर चुके हैं। वहीं संगठन भी कोलारस में अभी तक तीन बड़ी बैठकें कर चुका है।
सूत्रों की माने तो भाजपा हर हाल में कोलारस सीट जीतना चाहती है, ताकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में सेंध लगाई जा सके। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने मुंगावली को कोलारस की तुलना में कम वजन देना शुरू कर दिया है।
कोलारस में प्रत्याशी के लिए नहीं बन पा रही सहमति :
भाजपा के लिए कोलारस में उम्मीदवार तय करना भी सिरदर्द का काम बना हुआ है। कहा जा रहा है कि भाजपा संगठन वहां देवेंद जैन या वीरेंद्र खटीक में से किसी एक को टिकट देना चाहता है। लेकिन कुछ स्थानीय प्रभावी जनप्रतिनिधि इसका विरोध कर रहे हैं। इससे मामला खटाई में पड़ता दिख रहा है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि यदि पार्टी इन दोनों को टिकट नहीं देती है, तो उसे वहां भारी असंतोष का सामना करना पड़ सकता है।
कोलारस-मुंगावली पर राजधानी में हुआ मंथन:
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के साथ शनिवार को उनके बंगले पर प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत और प्रदेश सहसंगठन महामंत्री अतुल राय ने उपचुनावों को लेकर ढाई घंटे तक मंथन किया। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर विचार करने के साथ ही चुनावी रणनीति पर भी मंथन किया गया।
Published on:
10 Dec 2017 03:37 pm
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