
Heres the solution to every problem
भोपाल. भाजपा इस बार विधानसभा चुनाव अब तक देश में हुए सभी चुनावों से ज्यादा तकनीकी सुविधाओं के साथ लडऩे जा रही है। पार्टी ने संभागस्तर पर कॉल सेंटर बना लिए हैं। चुनाव के ठीक पहले हर जिले में भी कॉल सेंटर बनाए जाएंगे। ये कॉल सेंटर जिले के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से संपर्क साधेंगे। इनमें प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं के हितग्राहियों का डाटा तैयार किया जा रहा है।
भाजपा की नजर प्रदेश के उन साढ़े चार करोड़ मतदाताओं पर है जिन्होंने किसी न किसी सरकारी योजना का लाभ लिया है। केंद्रीय संगठन प्रदेश इकाई को कह चुका है कि इनका वोट हासिल करना पार्टी का पहला लक्ष्य है। पिछले तीन साल से प्रदेश भाजपा कार्यालय में राज्यस्तरीय कॉल सेंटर काम कर रहा था। उसका काम सिर्फ पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संपर्क करना था। चुनाव के समय में बनाए जाने वाले संभागीय कॉल सेंटर भी पार्टी के पदाधिकारियों से संपर्क और संवाद का काम कर रहे हैं, लेकिन जिलास्तर पर इनकी भूमिका बदली है। हर जिले में पार्टी ने कॉल सेंटर प्रभारी बनाया है।
कॉल सेंटर प्रभारियों को दी ट्रेनिंग
भाजपा ने पिछले दिनों सभी जिला कॉल सेंटर प्रभारियों को प्रदेश कार्यालय में ट्रेनिंग दी है। प्रशिक्षण में बताया गया कि किस तरह से मतदाताओं से संपर्क करना है, क्या जानकारी देना है और किस किस बात का फीडबैक लेना है। इन कॉल सेंटर्स पर पांच से छह वैतनिक टैली कॉलर्स नियुक्त किए हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ प्रोफेशनल्स को भी इसमें जगह दी गई है। इन्हें भी सिखाया जा रहा है कि कॉल करते समय किस तरह का व्यवहार करना है।
हम हर संभाग में कॉल सेंटर बना रहे हैं। जल्द ही जिलास्तर पर भी शुरू करेंगे। कॉल सेंटर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से तो संपर्क करेंगे ही साथ ही आमजन से भी फीडबैक और सूचना प्रदान करने में काम आएगा।
-शैलेंद्र शर्मा, प्रभारी, आइटी एवं कॉल सेंटर, भाजपा
Published on:
30 Aug 2018 08:48 am
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