
अपने ही कार्यालय को स्वच्छ नहीं कर सका नगर निगम
भोपाल. स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आने के लिए नगर निगम ने सारे संसाधन झोंक दिए हैं, लेकिन उसके बाद भी अधिकारी और कर्मचारी अपने ही कार्यालयों पर ध्यान नहीं दे रहे। आलम यह है कि नगर निगम के वार्ड और जोन कार्यालयों में ही सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता। जोन-19 का कार्यालय तो बहुत खराब स्थिति में नजर आया, जहां परिसर में भैंसे पाली जा रही हैं। सफाई के स्थान पर कचरे का अंबार लगा हुआ था।
स्वच्छता सर्वेक्षण में जुटी नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यालयों में स्वच्छता की सुध नहीं है। वैसे तो कई वार्ड/जोन कार्यालयों के किसी न किसी कोने में गंदगी मिल ही जाती है, लेकिन जोन-19 कार्यालय का हाल बुरा है। इस कार्यालय में पत्रिका टीम पहुंची तो स्टाफ आया ही नहीं था। वहां मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम कृष्णा बताते हुए जानकारी दी कि जोनल अफसर तो इस ऑफिस में कभी-कभी आते हैं।
दो महिला कर्मचारी आती हैं, जो अभी तक नहीं आई हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार तो कार्यालय पूरे दिन नहीं खुलता। लोगों की समस्या सुनने के नाम पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं होता। चौकीदार का परिवार यहीं रहता है, जो पूरे कैम्पस में कब्जा जमाए रहता है। उसने भैंसें पाल रखी हैं, जिससे होने वाला कचरा और गंदगी परिसर में इधर-उधर फैली रहती है।
ये मिला हाल
जोन 19 कार्यालय के मेन गेट का एक हिस्सा उखड़ गया था। आधे गेट को उठाकर दीवार के पास एक तरफ रख दिया गया है। भोजपुर रोड पर बने इस कार्यालय में सुबह 11.31 बजे तक ताला लगा हुआ था। वार्ड 85 के एक-दो रहवासी शिकायत दर्ज कराने आए, लेकिन कार्यालय में किसी और व्यक्ति को नहीं पाकर वापस लौट गए।
अंदर जाकर देखा तो एक पुराना कंटेनर कचरे से भरा दिखाई दिया। इस कंटेनर पर नगर निगम भोपाल वार्ड 85 सत्यम मोटर्स प्रा. लि. अंकित था। कहीं गोबर, तो कहीं कचरा पड़ा हुआ था। परिसर में सामने ही एक ओर मलबे और कचरे का अंबार लगा था। लगा रहा था, यहां पर कई दिनों से सफाई नहीं की गई है।
निगम का स्टाफ समय से ऑफिस जाता है और कार्यालय परिसर में सफाई का ध्यान रखा जाता है। यदि परिसर में मवेशी पालन और गंदगी की जा रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
- हरीश गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम
Published on:
03 Feb 2020 06:25 pm
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