
भोपाल. राजधानी में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। शहर के बुद्ध विहारों में बुद्ध वंदना, धम्म देशना, महापरित्राण पाठ के साथ अनेक आयोजन हुए। इस दौरान भगवान गौतम बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। शहर में सुबह से रात तक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा।
शहर के बुद्ध विहारों में सुबह से ही कार्यक्रमों का दौर शुरू हो गया था। शहर के सभी ४२ बुद्ध विहारों में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर बुद्ध वंदना सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह बुद्ध विहारों में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष कैंडल प्रज्जवलित कर बुद्ध वंदना की गई, इसके बाद विश्व शांति, आपसी प्रेम, भाईचारे के लिए मंगल प्रार्थना हुई। शहर के आंबेडकर नगर, तुलसी नगर, कोलार, पंचशील नगर, सहित अन्य बुद्ध विहारों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
सबसे छोटी बुद्ध प्रतिमा देखने लगी रही भीड़
बुद्ध पूर्णिमा का विशेष आयोजन कोलार रोड चूनाभट्टी स्थित बौद्ध महाविहार में हुआ। यहां सुबह बुद्ध वंदना, धम्मदेशना, अष्टशील सहित अन्य आयोजन हुए। शाम को जयंती समारोह, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रदर्शनी में सबसे आकर्षण का केंद्र रही राजधानी की कलाकार प्रीतिमा गुप्ता द्वारा राई के दाने पर बनाई गई सबसे छोटी बुद्ध प्रतिमा।
इस प्रतिमा को भी प्रदर्शनी में रखा गया था, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ रही। लोग मैग्नीफाइंग ग्लास के जरिए इसे देख रहे थे। प्रदर्शनी का शुभारंभ बुद्ध वंदना के बाद विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह और भंते शाक्यपुत्र सागर ने किया। इस मौके पर उन्होंने कलाकार को पांच हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रमोद शिंदे और ग्रुप के कलाकारों ने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इसमें भगवान बुद्ध के जन्म से महापरिनिर्वाण तक उनकी जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम रात तक चलता रहा।
भिक्षु संघ ने की बुद्ध वंदना
तुलसी नगर स्थित करुणा बुद्ध विहार में भगवान बुद्ध की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर भिक्षु संघ द्वारा बुद्ध वंदना की गई। जयंती समारोह में श्रीलंका महाबोधि सोसाइटी सांची सेंटर से भंते एन चंद्ररतन थेरा, भंते तपस्सी थेरो, भंते सुमेध बोधि, भंते बी सुमन, पार्षद अमित शर्मा, मुंबई से आए वरिष्ठ विचारक अच्युत्त्य भोईते आदि की उपस्थिति में समारोह की शुरुआत हुई। अमित शर्मा ने कहा कि बुद्ध के मार्ग पर चलने से जीवन का यथार्थ सामने आता है। बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम कर बोधि प्राप्त की। उनके बताए मार्ग को आत्मसात करना चाहिए। समारोह के बाद बुद्ध और डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन पर आधारित कव्वाली का आयोजन हुआ।
आइस्क्रीम, खीर, शरबत का वितरण
बुद्ध जयंती महोत्सव के मौके पर प्रबुद्ध महिला मंडल की ओर से प्रसाद के रूप में खीर का वितरण किया गया। इसी तरह समाज के अलग-अलग परिवारों के लोगों ने भी इसमें भागीदारी निभाई, किसी ने शरबत पिलायाा तो किसी ने फल वितरित किए। एक प्राइवेट कंपनी की ओर से धम्मदान के रूप में आइस्क्रीम का वितरण किया गया।
Published on:
01 May 2018 08:08 am

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