
ऐसे समझे स्थिति
- कोलार के राजहर्ष कॉलोनी में गाय के बछड़े का पैर किसी कारण से खराब हो गया। निगम के कॉल सेंटर पर इसके लिए कॉल किए गए। यहां से टीम आने का कहा जा रहा, लेकिन तीन दिन बाद तक भी कोई नहीं पहुंचा। कामकाजी लोग अब परेशान है क्या करें? ये स्थिति तब है जब निगम ने पूरी गोवद्र्धन शाखा बना रखी है। इसमें 50 से अधिक कर्मचारी है और अपर आयुक्त से लेकर उपायुक्त और अन्य कर्मचारी है। पांच गाड़ी के साथ आठ जगह गायों को रखने कांजी हाउस व अरवलिया में बड़ी गोशाला है।
डॉग फ्री क्षेत्र में नहीं शुरू की कार्रवाई
- निगमायुक्त ने शुक्रवार को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों को डॉग फ्री एरिया घोषित करते हुए निगम की टीम से यहां कार्रवाई कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत तुरंत कार्रवाई शुरू होना थी, लेकिन शनिवार को एक भी सार्वजनिक स्थल से डॉग को नहीं पकड़ा गया। सार्वजनिक स्थलों से कुत्तों को हटाया जाता है तो यहां बड़ी संख्या में आवाजाही करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। पत्रिका टीम ने मुआयना किया तो भोपाल रेलवे स्टेशन से लेकर हमीदिया, जेपी अस्पताल परिसर व आसपास डॉग नजर आए।
इस तरह पशुओं के नाम पर खर्च
- 1.50 करोड़ रुपए कुत्ता नसबंदी
- 1.50 करोड़ रुपए कांजी हाउस में चारा पर
- 50 लाख रुपए मृत पशु को उठाने के लिए
- 1.50 करोड़ रुपए अन्य खर्च
इनका कहना
- शहर में आवारा मवेशी और स्ट्रीट डॉग बड़ी समस्या है, लेकिन यदि ये बीमार या मृत होते हैं तो समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसपर संवेदनशीलता और गंभीरता से काम करना चाहिए।
- आनंद रावत, साईं हिल्स कॉलोनी
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हम गाय को माता की तरह मानते हैं, लेकिन जब गाय सडक़ों- मोहल्लों में छोड़ दी जाती है और बीमारी या दुर्घटना से कुछ चोट लगती है तो निगम की मदद नहीं मिल पाती।
- वीके दीक्षित, शाहपुरा क्षेत्र निवासी
कोट्स
कॉल सेंटर पर कॉल करने पर टीम पहुंचती है। कहां नहीं पहुंची, इसे दिखवाया जाएगा। इसे सुनिश्चित कराएंगे।
- रणवीरसिंह, अपर आयुक्त
Updated on:
21 Jan 2024 11:05 am
Published on:
21 Jan 2024 11:04 am
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