2 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शराबियों के चलते बिजनेस चौपट, घर में रहना मुश्किल

सर्वधर्म पुल के पास अंग्रेजी शराब दुकान नौ वर्षों से हो रही संचालित, बाजार की कई दुकानें महिलाएं चलाती हैं

2 min read
Google source verification
wine shop

शराबियों के चलते बिजनेस चौपट, घर में रहना मुश्किल

भोपाल/कोलार. कोलार के रहवासी इलाकों में शराब की दुकानों के चलते दुकानदार और रहवासी परेशान हैं। कई बार अलग-अलग मंचों से इन दुकानों को हटाने की आवाज उठ चुकी है, पर कुछ भी नहीं हो सका। शराब के चलते नई पीढ़ी को भी पलीता लगा रहा है। दुकानदार व रहवासी अपनी पीड़ा कह कर थक गए हैं। कोई सुनवाई नहीं होती। मुसीबत में बुलाने पर भी पुलिस नहीं आती। ललिता नगर मुख्य बाजार में शराब की दुकान लंबे समय से संचालित हो रही है। इस क्षेत्र में आबादी घनी है। कई कॉलोनी और स्कूल भी स्थित हैं।

सुबह से लेकर देर रात तक शराबियों का जमघट लगा रहता है, जिससे ललिता नगर तिराहे पर जाम की स्थिति बनती है। बाजार में आने वाली महिलाओं और लड़कियों को शराबियों के भद्दे कमेंट्स और इशारे सुनने पड़ते हैं। सर्वधर्म पुल के पास शराब की दुकान लगभग नौ वर्षों से संचालित हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि शराब दुकान खुलने के बाद उनका व्यवसाय चौपट हो गया है।

पहले लेबर क्लास का जो पैसा बाजार में खाने-पीने, कपड़े और जरूरत के सामान पर खर्च होता था, वह शराब में खर्च हो रहा है। इस बाजार में अधिकाशं दुकानें महिलाएं संचालित करती हैं। ग्राहक भी महिलाएं ज्यादा होती हैं, पर शराबियों के माहौल से ये न के बराबर आती हैं। शराबी सुबह से रात तक गाली-गलौच करते हैं।

स्कूली बच्चों पर पड़ रहा बुरा असर
मुख्य प्रवेश मार्ग पर शराब दुकान होने से यहां संचालित स्कूली बच्चों पर भी बुरा असर पडऩे लगा है। नाम न छापने की शर्त पर एक महिला ने बताया कि उनका छोटा बेटा एक दिन पिता से शराब के ब्रांड के बारे में पूछ रहा था। बच्चे से इसके बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि नुक्कड़ वाली शराब की दुकान पर पढ़ा था।

दंपती सुबह से पीकर करते हैं हंगामा
दुकानदार शराबियों से खासे परेशान हैं। पीने का क्रम सुबह से देर रात तक चलता रहता है। आए दिन शराबी दुकानदारों से विवाद करने लगते हैं। दुकानदार बताते हैं कि एक सफाईकर्मी दंपती सुबह से शराब पीकर आ डटता है और दुकानों के आगे लोट लगाते, गाली बकने लगते हैं। बवाल के डर से कोई कुछ बोल नहीं पाता।

बच्चों को साथ लेकर बाजार नहीं जा सकते। शराबियों की गाली-गलौच और हरकतों से स्वयं और बच्चों को बचाने के लिए महिलाएं दूसरे रास्ते से आवागमन करती हैं।
- सनेशा सिंह, ललिता नगर

यहां बिजनेस और रहना दूभर हो गया है। सोमवार की देर रात शराबियों ने गाली-गलौच व झगड़ा किया। डायल 100 सूचना देने पर भी नहीं पहुंची।
- किरण खेड़े, आटा चक्की मालिक

शराबियों से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। दुकान के आगे बैठकर पीने लगते हैं। रोज ही विवाद की स्थिति बनती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
- राजेश शर्मा, यूनिवर्सल फर्नीचर

शराबियों के उत्पात से महिला ग्राहक नहीं आतीं। दुकान का डोर बंद रखना पड़ता है। शराबी दुकान के आगे आकर पीते और उत्पात करते हैं।
- गीता नेमा, नेमा वस्त्रालय

शराब की दुकानों को शहर के आवासीय क्षेत्रों से दूर करने के लिए लंबा संघर्ष किया, पर अभी तक कोई हल निकलकर नहीं आया।
- आशा जैन, अध्यक्ष, कोलार मदिरा विरोधी मंच

शराब की दुकानें आबादी से हटकर होनी चाहिए। बच्चे जो देखते हैं, उसे सीखते हैं।
- डॉ. प्रीतेश गौतम, मनोचिकित्सक व डी-एडिक्शन एक्सपर्ट, जेके हॉस्पिटल