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JP Hospital- भोपाल के सरकारी जेपी अस्पताल में भी अब मल्टी- ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर-टीबी) टीबी के साथ ही और फेफड़े एंव श्वास रोगों की सटीक जांच और प्रभावी उपचार होगा। लंग कैंसर और ट्यूमर का पता लगाने के लिए बायोप्सी जांच भी जिला अस्पताल में की जाएगी। इसके लिए अस्पताल में नई ब्रोंकोस्कोपी मशीन लगाई जा रही है। अस्पताल में जांच कर जटिल श्वास रोगों और एमडीआर टीबी का पता लगाने की सुविधा नहीं है। नई ब्रोंकोस्कोपी मशीन को स्थापित किया जा रहा है, अगले मंगलवार तक जांच शुरू होगी। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर यह जांच नि:शुल्क होगी। अन्य रोगियों से न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा।
चार वर्ष से गांधी मेडिकल कॉलेज के हमीदिया अस्पताल में ब्रोंकोस्कोपी जांच हो रही है। एम्स भोपाल और यहां के कुछ निजी अस्पतालों में भी यह जांच होती है। जयप्रकाश अस्पताल के श्वास रोग विशेष डॉ. अंकित सिंह तोमर ने बताया यह जांच मेडिकल कॉलेजों में होती है। यह प्रदेश का पहला जिला अस्पताल है, जहां यह जांच शुरू होने जा रही है। अब यहीं पर एमडीआर-टीबी की पहचान और प्रभावी उपचार हो सकेंगा।
जेपी अस्पताल के अधीक्षक व सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन ने बताया कि ब्रोंकोस्कोपी मशीन अस्पताल में आ गई है। इसे स्थापित किया जा रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल के प्रथम सप्ताह से ही फेफड़ा रोगियों की जांच भी शुरू कर दी जाएगी।
निजी अस्पतालों में इन जांच के लिए करीब 15 हजार रुपए लगते हैं। प्रबंधन के अनुसार जेपी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर यह जांच नि:शुल्क होगी। अन्य श्रेणी के रोगियों से न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा।
लंग ट्रांसप्लांट शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने शनिवार को इसके प्रत्यारोपण करने का प्रशिक्षण लिया। इसमें देश भर के फेफड़ा प्रत्यारोपण के विशेषज्ञों ने संस्थान के डॉक्टरों को सर्जरी की बारीकियां सिखानेे के साथ ही उन्हें मरीजों के चयन से लेकर ऑपरेशन और बाद की देखभाल तक हर पहलू का प्रशिक्षण दी, ताकि हर ट्रांसप्लांट सफल हो सके। विशेषज्ञों ने लंग ट्रांसप्लांट की नई तकनीक, चुनौतियां और सफल केस स्टडी पर चर्चा की। संस्थान के डॉक्टरों को सीधे विशेषज्ञों से सीखने प्रत्यारोपण के तरीके सीखे।
Updated on:
29 Mar 2026 09:30 am
Published on:
29 Mar 2026 09:30 am
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