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भोपाल. पवई विधायक प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद भाजपा प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। प्रहलाद लोधी की सदस्यता जाने के पीछे का असल कारण राहुल गांधी हैं। राहुल गांधी ने 2013 में दिल्ली में मीडिया के सामने यदि वो अध्यादेश न फाड़ा होता तो प्रहलाद की सदस्यता बच जाती। इस अध्यादेश में वह प्रावधान था, जिसके तहत ऊपरी अदालत में अपील लंबित रहने तक जनप्रतिनिधि की संसद या विधानसभा की सदस्यता बरकरार रहती।
तत्कालीन यूपीए सरकार ने इस अध्यादेश को कैबिनेट में पास कर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भी भेज दिया था। राहुल ने अपनी ही सरकार के फैसले को गलत बताया और कहा कि यह सरासर बकवास है, इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए। इसके बाद से ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे ज्यादा की सजा सुनाए जाने के साथ ही उसकी संसद या विधानसभा की सदस्यता समाप्त हो जाती है।
संविधान विशेषज्ञ भगवानदेव इसराणी कहते हैं कि लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 8 (3) के तहत अदालत के फैसले के साथ ही जनप्रतिनिधि की सदस्यता समाप्त हो जाती है। सुप्रीम कोर्ट की भी यही रूलिंग है। आरपी एक्ट में धार 8 (4) थी जिसके तहत ऊपरी अदालत में अपील करने और उसका फैसला आने तक सदस्यता बनी रहती थी, लेकिन वो धारा सुप्रीम कोर्ट ने समाप्त कर दी। अब तो निचली अदालत दो साल या उससे ज्यादा की सजा सुनाती है तो उसके साथ ही सांसद या विधायक की सदस्यता समाप्त हो जाती है। इस पर बेवजह सवाल उठाए जा रहे हैं।
- भाजपा का तर्क- राज्यपाल ही समाप्त कर सकते हैं सदस्यता
भाजपा विधायकों के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। उन्होंने तर्क दिया कि विधायक की सदस्यता समाप्त करने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को नहीं, बल्कि राज्यपाल के पास है। राजभवन इसमें दखल देकर प्रहलाद की सदस्यता बहाल करे। केंद्रीय संगठन के आदेश पर आनन-फानन में पहुंचा प्रतिनिधि मंडल जो ज्ञापन ले गया था उसमें पूरे तथ्य नहीं थे। बाद में विधि विशेषज्ञों के साथ बैठक कर नया ज्ञापन तैयार करवाया गया, जिसे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने राजभवन जाकर दिया।
- चुनाव अयोग्य घोषित नहीं हुआ
राज्यपाल से मुलाकात के बाद डॉ. सीतासरन शर्मा ने मीडिया से कहा कि दो साल की सजा होने से प्रहलाद डिसक्वालीफाइ हुए हैं, लेकिन उनका चुनाव अयोग्य घोषित नहीं हुआ है। चुनाव सिर्फ इलेक्शन पिटीशन में अयोग्य हो सकता है। विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रहलाद की याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई है, हमें न्याय मिलेगा। दिल्ली से केंद्रीय संगठन से आदेश मिलने के बाद मंगलवार सुबह मिश्रा के बंगले पर राजभवन पहुंचने की रणनीति बनाई गई। विधायकों को आनन-फानन में बुलाया गया। ऐसे में सिर्फ 10 विधायक ही जुट सके।
- दिल्ली पहुंचे शिवराज
केंद्रीय संगठन ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आनन-फानन में दिल्ली बुलाया। वे सोमवार को रीवा में थे, वहां से भोपाल आए और मंगलवार सुबह दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक शिवराज ने पार्टी मुख्यालय में अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से चर्चा की, इसके बाद भाजपा प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल से मिला।
Updated on:
05 Nov 2019 10:17 pm
Published on:
06 Nov 2019 05:02 am
