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सीबीएसई का बड़ा फैसला- बदला गया फीस और सैलरी का सिस्टम

सीबीएसई से संबद्ध स्कूल अब जनवरी से स्टूडेंट्स से कैश फीस नहीं ले सकेंगे। शिक्षकों को भी अब कैश वेतन नहीं दिया जा सकेगा। 

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Anwar Khan

Dec 14, 2016

prakash javdekar

prakash javdekar

भोपाल। कैशलेस के प्रामोशन में लगी मोदी सरकार की कोशिशों का असर दिखने लगा है। जल्दी ही एजुकेशन सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सीबीएसई के स्कूल पूरी तरह कैशलेस हो जाएंगे। स्टूडेंट की फीस से लेकर टीचर्स की सैलरी सब ऑनलाइन होगी। वहीं दूसरी ओर मप्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लेते हुए सभी कॉलेजों को कैशलेस करना तय किया है। जिसके बाद स्टूडेंट ऑनलाइन फीस जमा करेंगे साथ ही टीचर्स को भी ऑनलाइन तनख्वाह बांटी जाएगी।

बोर्ड परीक्षा से पहले निर्णय
सीबीएसई के सचिव जॉसेफ इमैनुएल ने सभी संबद्ध स्कूलों को भेजे निर्देश में स्थितियों को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड पहले ही परीक्षा शुल्क, संबद्धता शुल्क और अन्य शुल्क ऑनलाइन ले रहा है। स्कूलों को अब अपने स्तर पर बदलाव करने होंगे। हालांकि, भोपाल में 50-60 फीसदी स्कूल ऑनलाइन फीस ही स्वीकार कर रहे हैं और टीचर्स की सैलेरी उनके अकाउंट में दी जा रही है।

आईसीएसई बोर्ड ने भी लिया फैसला
आईसीएसई बोर्ड ने भी स्कूलों में कैशलेस व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके फायदे बताने के लिए स्कूल वर्कशॉप, सेमिनार आयोजित कर रहे हैं। जहां छात्रों के साथ उनके परिजन भी बैठ रहे हैं। साथ ही टीचर्स की भी अलग से मीटिंग ली जा रही हैं।

रेलवे स्टेशन भी कैशलेस
मप्र में सबसे पहले जबलपुर रेलवे स्टेशन को कैशलेस किया गया। अब बारी भोपाल की है। भोपाल व हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर पार्किंग, फूड और बुक स्टॉल समेत अन्य सभी तरह की उपयोगी वस्तुओं का लेन-देन कैशलेस ट्रांजेक्शन से होगा। इन स्टेशनों पर हाल ही में टिकट खरीदी के लिए पीओएस मशीन का उपयोग शुरू किया गया है। इसका प्रयोग भी शुरू हो गया है। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है।

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