
भोपाल. घर में लगे सीसीटीवी कैमरे यानी तीसरी आंख के भरोसे यदि आप अपने घर की सुरक्षा के प्रति निश्चिंत हैं तो सावधान हो जाइए। क्योंकि, हैकर्स के निशाने पर अब सीसीटीवी कैमरे भी हैं। हैकर्स घर के अंदर हो रही गतिविधियों को कैप्चर कर सकते हैं। और आपके घर की प्राइवेसी को वायरल कर वसूली कर सकते हैं। यही नहीं घर के अंदर की चीजों को जानसमझ कर लूट की घटनाओं को भी अंजाम दे सकते हैं। हाल ही में घटी इस तरह की कुछ वारदातों ने पुलिस समेत आमजन की चिंता बढ़ा दी है।
सीसीटीवी कैमरे पर लोग भरोसा कर दुकान और घर में इसे लगवा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे सड़कों के किनारे भी लगे हैं। जो २४ घंटे की गतिविधियों पर निगरानी रखते हंै। इससे किसी भी घटना की पहचान आसानी से हो जाती है। लेकिन हैकर्स अब सीसीटीवी कैमरे को आसानी से हैक कर ले रहे हैं।
सीसीटीवी हैक हो गया, ऐसे मिलता है संकेत
-सीसीटीवी बंद रहने पर रेड लाइट बंद रहती है लेकिन कई बार यह ऑन दिखाई देती है। अगर कैमरे की रेड लाइट जल रही है तो इसके हैक होने की संभावना है।
-सीसीटीवी कैमरे के माइक फोन से आवाज आने का मतलब भी हैक होना होता है।
-नेटवर्क से दूर होकर गतिविधियों को कैप्चर करने के लिए हैकर चुपचाप सीसीटीवी कैमरे की सुरक्षा सेटिंग को बदल देते हैं या उसके साथ छेड़छाड़ कर कुछ ना कुछ अपडेट कर देते हैं जिससे इसका एक्सेस लिया जा सके। इसलिए अंजान लोगों को डिवाइस से दूर रखें।
- अगर सीसीटीवी कैमरा अनुमति के बिना इधर से उधर घूम रहा है तो समझ जाएं की कोई दूसरा व्यक्ति कैमरे को ऑपरेट कर रहा है।
- सीसीटीवी कैमरे का सिस्टम यदि जरूरत से ज्यादा इंटरनेट डाटा खपत कर रहा है तो इसका मतलब वह किसी अन्य मशीन पर भी इंस्टॉल कर लिया गया है।
इस तरह से कर सकते हैं बचाव
साइबर एक्सपर्ट राहुज सिन्हा के अनुसार कुछ सावधानियों को बरतकर सीसीटीवी कैमरे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
- हमेशा टू स्टेप वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करें। हैकर नेटवर्क को हैक कर लेता है या नेटवर्क में सेंधमारी करता है तो सुरक्षा का एक स्तर नेटवर्क के दूसरे स्तर को प्रोटेक्ट करेगा।
- मजबूत पासवर्ड बनाकर सर्वर को हैक होने से बचाया जा सकता है। इसके लिए आसान नंबरों की बजाय कठिन अल्फाबेटिक एवं न्यूमेरिक का इस्तेमाल करें।
- हमेशा एक ही यूजर नेम और पासवर्ड का उपयोग न करें। इसे बदलते रहें। क्योंकि पुराने यूजर नेम और पासवर्ड को हैकर आसानी से पहचान सकते हैं।
- कैमरे की सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा ऑटो अपडेट पर रखें। क्योंकि पुराने सॉफ्टवेयर को नए-नए हैकिंग सॉफ्टवेयर आसानी से एक्सपोज कर लेते हैं।
क्यूआर कोड एवं सीसीटीवी कैमरा सेटिंग में सावधानी पूवर्क जानकारियों को अपडेट करते रहने से इसे हैक होने से बचाया जा सकता है। साइबर एडवायजरी के अनुसार यदि सर्वर को लगातार अपडेट एवं स्कैन करते रहेंगे तो काफी हद तक फ्रॉड से बचाव हो सकता है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
हरिनारायणचारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर
Published on:
17 Dec 2023 10:43 pm
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