
जिला मुख्यालय पर ग्राम मूलीखेड़ा रोड पर स्थित एक कॉलोनी में दर्जनों मकान तैयार हो चुके हैं। इनमें 4-5 वर्ष से लोग भी रहने लगे हैं।
भोपाल। राजधानी में पुराने पीसीसी यानि सीमेंट के खंभे, टेढे-मेढे अन्य खंभों के साथ पुरानी-खराब लाइन को बदला जा रहा है। कोलार में ही करीब 2300 खंभे बदलने की कवायद की जा रही है।
इसके साथ ही यहां 50 किमी लंबी एलटी लाइन और 15 किमी लंबी 11केवी लाइन को बदलकर नई लाइन डाली जा रही है। भोपाल के अन्य हिस्सों को मिलाकर तो इस तरह के 8000 से अधिक बिजली पोल और 600 किमी लंबी बिजली लाइन को बदलने का काम चल रहा है।
निर्माण एजेंसी के आशीष क्षेमा का कहना है कि अलग-अलग भाग में अलग-अलग काम चल रहे हैं। इसके लिए कोलार में 23 करोड़ रुपए मंजूर हैं। इससे ही काम किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि राजधानी में खुद बिजली कंपनी ने करीब 10 हजार टेढे-मेढे और पुराने बिजली खंभे चिन्हित किए थे। बारिश, तेज हवा में इनके जमीन पर गिरने और दुर्घटना की आशंका बन रही थी। अब लोहे के नए खंभों के साथ एरियल बंच केबल डलने से दुर्घटना और बारिश-आंधी में बिजली गुल की दिक्कत से निजात मिल जाएगी।
80 से अधिक क्षेत्रों को लाभ
बिजली के नए खंभे लगने का लाभ शहर के 80 से अधिक क्षेत्रों को मिलेगा। कोलार में ही 18 क्षेत्रों में काम हो रहा है। करोद, बैरागढ़, टीला, छोला, भानपुर व पुराने न नए शहर के करीब ६० क्षेत्र शामिल है। 22 क्षेत्रों में हाइवॉल्टेज डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से भी नए खंभे और बिजली आपूर्ति की कवायद की जा रही है।
Updated on:
25 Feb 2019 09:45 am
Published on:
25 Feb 2019 09:45 am
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