22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीएम हाउस रहने लायक नहीं, बंगले में 3 माह नहीं जा पाएंगे कमलनाथ

निरीक्षण के बाद निकाला निष्कर्ष, दिल्ली से आए बिल्डिंग एक्सपर्ट ने पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट पर मुहर लगाई

2 min read
Google source verification
Chief Minister's residence needs restoration

Chief Minister's residence needs restoration

हरीश दिवेकर @ भोपाल. राजधानी में मुख्यमंत्री के लिए श्यामला हिल्स पर बने आवास को लोक निर्माण विभाग ने असुरक्षित घोषित किया है। प्रमुख अभियंता आरके मेहरा की टीम ने 6 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास का निरीक्षण कर रहने योग्य नहीं होने की रिपोर्ट दी है। इसके बाद मुख्य सचिव ने दिल्ली की वी-डिजाइन कंपनी के इंजीनियर अनिल सिंह व आर्किटेक्ट नवीन जिंदल से बुधवार को निरीक्षण कराया। इन्होंने पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट पर सहमति जताई है। इससे कमलनाथ तीन महीने शिफ्ट नहीं कर पाएंगे।

विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 21 दिसंबर को सीएम निवास खाली कर गए थे। उसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए इस बंगले को तैयार कराया जाना था। माना जा रहा था कि कमलनाथ विधानसभा सत्र के बाद मुख्यमंत्री निवास में शिफ्ट कर लेंगे। इसी बीच पीडब्ल्यूडी ने मुख्यमंत्री निवास को असुरक्षित घोषित करते हुए सरकार को रिपोर्ट सौंप दी। अब इस बंगले का नए सिरे से जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

छत हुई कमजोर, दीमक ने बल्ली चट कर दीं

पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में कहा है कि सीएम निवास बी-6 व मुख्यमंत्री एनेक्सी बी-9 वर्ष 1906 में बने थे। कमलनाथ अभी एनेक्सी बी-9 में रह रहे हैं। बंगले के अंदर बने स्टॉफ क्वार्टर को जर्जर होने पर तोड दिया है। वहीं, सीएम निवास बी-6 में दोनों मंजिलों की छत कमजोर है। इसमें लकड़ी की बल्लियों को दीमक चट कर चुकी है। लोहे के गार्डर में जंग लगी है। छत में लगे फ्लैग स्टोन गिरने की स्थिति में है। इसके ठीक ऊपर मुख्यमंत्री का शयनकक्ष है।

मुख्यमंत्री निवास में बनेगी एनेक्सी

मुख्यमंत्री निवास में ऑफिस के लिए दो मंजिला एनेक्सी बिल्डिंग बनाना प्रस्तावित है। इसकी पहल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय शुरू हो गई थी। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने नवंबर 2017 में डीपीआर रिपोर्ट बनाकर सरकार को दी थी। उस समय इस पर अनुमानित 9 करोड़ 95 लाख रुपए खर्च किया जाना ्रतय हुआ था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री को एनेक्सी बिल्डिंग की डिजाइन और लेआउट पसंद नहीं आने के कारण इसे नए सिरे से तैयार करने को कहा गया। इसके लिए नए सिरे से टेंडर जारी होने थे, लेकिन इसके पहले ही विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई। चुनाव आचार संहिता के कारण यह मामला अटक गया।