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बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष पहुंचे अस्पताल, जाना परी का हालचाल

रविवार को बंगरसिया चिकलौद रोड पर बैग में बंद मिली थी दो दिन की नवजात 

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Krishna singh

Jun 29, 2016

hospital

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भोपाल. अपनों की बेरुखी की शिकार बंगरसिया-चिकलौद रोड पर सड़क किनारे बैग में बंद मिली नवजात बच्ची को अपनों का साथ तो नहीं मिला, पर जेपी अस्पताल के एसएनसीयू का स्टाफ उसकी देखरेख में जुटा है। बच्ची को दूध से लेकर उसके बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी दवाओं की व्यवस्था की गई है। मंगलवार को बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने एसएनसीयू पहुंचकर बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं को भी देखा। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. आईके चुघ समेत डॉ. शोभा खोत मौजूद थीं। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची स्वस्थ है और उसके सभी टेस्ट रिपोर्ट नॉर्मल है। अभी बच्ची को ट्यूब से दूध से दिया जा रहा है। मदर मिल्क फीड सेंटर में बच्ची को आगामी दिनों में चम्मच से दूध दिया जाएगा।

50 किमी की परिधि में जन्म
डॉ. शर्मा के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया है कि बच्ची को डिलीवरी के 30 से 36 घंटे बाद सड़क पर छोड़ा गया, लिहाजा क्षेत्र के 50 किमी की परिधि में बच्ची का जन्म हुआ है। शर्मा ने बताया कि बच्ची के माता पिता की तलाश प्राथमिकता है। आयोग द्वारा पुलिस को निर्देश दिए गए कि जांच के दायरे में इस मुद्दे को भी लाया जाए।

बालिका गृह को सौंपेंगे जिम्मा
बच्ची के स्वस्थ होने के बाद इसका जिम्मा बाल कल्याण समिति के जरिए बालिका गृह को सौंपा जाएगा। इसके बाद बच्ची को लीगल फ्री करने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ये सभी प्रक्रिया बच्ची के स्वस्थ होने के बाद की जाएगी। लीगल फ्री होने के बाद बच्ची को गोद देने की कार्रवाई की जाएगी। नवजात की सूचना देने वाले व्यक्ति को भी आयोग द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा डॉ. शर्मा ने की।
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