
CM Dr. Mohan Yadav said that AI was used even during the time of Lord Krishna
AI - एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान कृष्ण के समय यानि द्वापर युग में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई AI का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि तब ये उतना विकसित नहीं था। नई दिल्ली के हैबीटेट सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सामाजिक प्रभाव' विषय पर सीएम ने कृष्ण और कंस तथा उग्रसेन के उदाहरण देकर यह बात कही। उन्होंने कहा कि हर चीज के जैसे दो पहलू होते हैं वहीं एआई के साथ भी है। सरकार के रूप में आमजन के हित में हम इसका सदुपयोग करेंगे और गलत चीजें होने से रोकेंगे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री जतिन प्रसाद भी मौजूद थे।
कार्यक्रम में एआई में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने की जरूरत जताते हुए इसके इस्तेमाल में बहुत सावधानी बरतने की बात भी कही गई। विशेषज्ञों और वक्ताओं ने यह आशंका भी जाहिर की कि कहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल कुछ ही लोगों तक सीमित होकर न रह आए। कृषि और स्वास्थ्य में एआई के व्यापक इस्तेमाल की बात भी कही गई।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने यहां कहा कि हर विषय के सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होते हैं। कभी कहा जाता था कि कंप्यूटर आने से सभी बेरोजगार हो जाएंगे। इंटरनेट आया तो कहा गया घर परिवार बिगड़ जाएंगे। हमें अच्छे बुरे दोनों पहलुओं को समझते हुए तालमेल बैठाना होगा।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के समय भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस था हालांकि तब यह पूर्णत: विकसित नहीं था। उन्होंने बताया कि उग्रसेन के शत्रुओं ने एआई के इस्तेमाल से ही छल किया था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने द्वापर युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण भी गिनाए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जन्म से पहले कंस का वध करने वाले के जन्म लेने की भविष्यवाणी की गई थी। उस समय राजा उग्रसेन के शत्रु ने भी एआई के इस्तेमाल से उनकी रानी के साथ छल किया था। शत्रु राजा ने एआई से रूप तो परिवर्तित कर लिया पर आवाज नहीं बदल पाया। इस प्रकार कंस का जन्म हुआ था।
Published on:
05 Apr 2025 08:25 pm
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