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कमलनाथ बोले, पैसा है, सुविधाएं हैं लेकिन योग्य डॉक्टरों की कमी

- समय और जरूरतों के साथ एमसीआई को भी लचीला बनना होगा- स्वास्थ्य का अधिकार लोगों का बुनियादी हक, मुख्यमंत्री-मंत्रियों के समान मिल सकेंगी सुविधाएं
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Irony: The plan fades, people wandering in CM's district

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारे पास बजट है, इन्फ्रास्क्चर है लेकिन प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी है। हमें संख्या के आधार पर नहीं बल्कि गुणवत्ता के आधार पर चिकित्सा से जुड़े लोगों की जरूरत है। इसके लिए मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को भी लचीला होना चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बदलाव हुए हैं, जरूरतें भी बढ़ी हैं उसके अनुसार अगर काम करने की प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया तो बेहतर परिणाम प्राप्त नहीं सकते। मुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को मिटों हाल में स्वास्थ्य का अधिकार विषय पर आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ के मौके पर कही।

कमलनाथ ने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार मिलना चाहिए, यह उनका बुनियादी अधिकार है। हम मानते हैं वर्तमान में हमारी स्वास्थ्य सुविधाएं पिछड़ी हुई हैं। इस कमी को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पीपीपी मॉडल का मैं समर्थन करता हूं लेकिन इसका सही मॉडल हमें देखना होगा जो लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे सके। आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है, स्वास्थ्य केन्द्र हैं तो डॉक्टर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का व्यवसाय मानव सेवा से जुड़ा हुआ है। इससे जुड़े जितने भी लोग है वे नौकरी के रूप में नहीं बल्कि समाज सेवा के रूप में काम करें।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आदर्श हो मध्यप्रदेश -

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी अपेक्षा है कि इस कॉन्क्लेव में होने वाले मंथन से निकले निष्कर्ष मध्यप्रदेश की जनता को स्वास्थ्य का अधिकार दिला सकें और हम एक स्वस्थ्य मध्यप्रदेश का निर्माण कर सकें। आज मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस है। हम दस साल बाद जब मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस मनाएं तो इस सम्मेलन के निष्कर्षों के आधार पर जो स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मध्यप्रदेश में बनें वो एक मील का पत्थर साबित हो और पूरे देश का आदर्श मॉडल बन सके।

97 प्रतिशत बीमारियों को कवर करने का प्रयास -

स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य के अधिकार कानून के जरिए 97 प्रतिशत बीमारियों को कवर करें। इसके जरिए हम प्रदेश के लोगों को वही सुविधाएं उपलब्ध करवा पाएंगे जो मुख्यमंत्री, मंत्री या उच्च वर्गों को को सुलभ हैं।

राजनीतिक इच्छा शक्ति के बिना स्वास्थ्य का अधिकार संभव नहीं - डॉ. पॉल

नीति आयोग के सलाहकार डॉ. वीके पॉल ने कहा कि मुख्ममंत्री कमल नाथ ने स्वास्थ्य के अधिकार देने के लिए जो कदम उठाया है वह न केवल एक साहसिक निर्णय है बल्कि इसके माध्यम से मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का नेतृत्व भी करेगा। पॉल ने कहा राजनीतिक इच्छा शक्ति के बगैर हम लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार नहीं दिला सकते।

डॉ. पॉल ने कहा कि हमें एक सुनियोजित रणनीति और स्पष्ट सोच के साथ इस दिशा में कदम उठाना होंगे। इस मौके पर यूएनएड्स की सलाहकार हेलीना एन कुर्ग, नेशनल हेल्थ एजेंसी की सीईओ डॉ. इन्दु भूषण, अपोलो हॉस्पिटल की सीएमडी संगीता रेड्डी, मेग्सेसे अवार्ड से सम्मानित भारत वतवानी, लेखक एवं अर्थशास्त्री हर्ष मंगल सहित देशभर से आए स्वास्थ्य एवं इससे जुड़ी सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित थे।