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सीएम बोले- वाट्सएप पर किसान आंदोलन के मैसेज चल रहे हैं, एलर्ट रहें

किसानों की नाराजगी रोकनेखाते में सात दिन में पैसा पहुंचाओ
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 22 Apr 2018, 10:13 AM IST

shivraj singh

cm meeting

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टरों से साफ शब्दों में कहा कि किसानों के लिए भरपूर पैसा दिया जा रहा है, राशि बांटने में लापरवाही न हो। यदि अफसरों की लापरवाही से किसान आंदोलित होते हैं तो ठीक नहीं होगा। अफसरों की जिम्मेदारी भी तय होगी। शनिवार की शाम कलेक्टर, कमिश्नरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करते हुए उन्होंने कुछ कलेक्टरों के काम-काज पर नाराजगी भी नाराजगी भी जाहिर की। इस दौरान उन्होंने भावांतर भुगतान, पेयजल सहित अन्य विषयों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को दिए जाने वाले लाभ की जानकारी कलेक्टरों से पूछी तो कुछ कलेक्टर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अशोकनगर कलेक्टर बीएस जामोद की गैर मौजूदगी में मौजूद अन्य अफसर ने तो कह दिया कि वे पैसा बांट चुके हैं।

इस पर कृषि विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा बोले, लेटेस्ट रिपोर्ट मौजूद है। पैसा नहीं बंटा है। अफसर के गैर जिम्मेदाराना जवाब पर सीएम ने नाराजगी जताई। रीवा कलेक्टर प्रीति मैथिल ने सफाई दी कि पिछले बार राशि वितरण में गड़बड़ी सामने आई थी। इसलिए बैंक खातों के मिलान के बाद ही राशि वितरण होने से देर हो रही है।

कटनी कलेक्टर बीएस चौधरी से मुख्यमंत्री ने पूछा कि अनूपपुर सीईओ रहते हुए आपने बेहतर काम किया था, इसलिए कटनी कलेक्टर बनाया गया लेकिन यहां वैसा काम क्यों नहीं हो पा रहा है। उन्होंने समय पर राशि बांटने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विदिशा, अशोकनगर, सागर, राजगढ और सीहोर कलेक्टर से भी जबाव तलब किया।

भावांतर राशि भुगतान में लापरवाही पर नाराजगी -
दमोह, सागर, विदिशा, पन्ना जिलों का नाम लेते हुए सीएम ने कहा कि भावांतर भुगतान में लापरवाही से वे दु:खी हैं। भरपूर पैसा होने के बाद भी किसानों के खाते में राशि नहीं पहुंच पा रही है। मुख्य सचिव बीपी सिंह ने विदिशा कलेक्टर अनिल सुचारी से सवाल किया कि आपने तो सबसे ज्यादा राशि की डिमांड की थी। राशि दी गई, इसके बाद भी राशि क्यों नहीं बंट पाई।

चंबल कमिश्नर बोले सॉरी -
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएम अपनी बात कह रहे थे, इसी बीच चंबल कमिश्नर एमके अग्रवाल समीप बैठे एडीशन कमिश्नर से बात करने लगे। यह देख सीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछ लिया एेसी क्या जरूरी बात है। हालांकि अग्रवाल ने सफाई देने का प्रयास किया। सीएम का मूड भांपते हुए उन्होंने सॉरी बोला।

पिछड़े जिलों के कलेक्टर को बुलाया -
मध्यप्रदेश में सर्वाधिक पिछड़े जिलों के कलेक्टरों को मुख्यमंत्री ने २३ अप्रेल को भोपाल बुलाया है। वे यहां मुख्यमंत्री के सामने अपने-अपने जिलों का प्रजेंटेशन देंगे। २४ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन जिलों के प्रोगे्रस देखेंगे।