
1चुनाव आयोग को संवेदनशील बूथों की चिंता
भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने आज कलेक्टरों से कहा मतदाता सूची में नाम जोडऩे और हटाने का काम सत्यापन के बाद ही करें और सभी दावे-आपत्तियों को गंभीरता से लें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव आज कालेक्टरों की वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ज्यादा आवेदन आए हैं, वहां इसके निराकरण के लिए अतिरिक्त दल लगाए। उन्होंने कहा कि शासकीय अथवा सार्वजनिक संपत्तियों पर पोस्टर बैनर, दीवार लेखन को हटाने की कार्रवाई एक अभियान के तौर पर की जाए, चाहे वह भले ही बिजली के खम्भों पर क्यों न हो। इसके साथ ही इस संबंध में लोगों को जागरुक किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासकीय अथवा सार्वजनिक संपत्तियों पर पोस्टर बैनर, दीवार लेखन को हटाने की कार्रवाई एक अभियान के तौर पर की जाए, चाहे वह भले ही बिजली के खम्भों पर क्यों न हो। इसके साथ ही इस संबंध में लोगों को जागरुक किया जाए।
इसके बाद भी अगर कोई राजनैतिक दल अथवा व्यक्ति नहीं मानता है तो उसके खिलाफ कर्रवाई की जाए। उन्होंने कहा की ईव्हीएम और वीवी पैट का सत्यापन कराए, जांच में जो मशीनें खराब पाई जाती हैं उसे तत्काल वापस करें। प्रत्येक मतदान केन्द्रों की सुगम और सुविधायुक्त बनाया जाए, जिन मतदान केन्द्रों में एक हजार से अधिक मतदाता हैं, वहां एक अगल से मतदान केन्द्र बनाया जाए।
इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कांताराव ने लॉ एंड आर्डर के संबंध में भी पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने पीएचक्यू और वन मुख्यालय के अधिकारियों से उनके पास उपलब्ध सुरक्षा बलों के संबंध में जानकारी ली और उन्होंने इन दोनों विभागों के अधिकारियों से पूछा कि वह चुनाव के दौरान कितने पुलिस बल आयोग उपलब्ध करा सकते हैं।
दावे-आपत्तियों के चक्कर में स्थगित हुई ट्रेनिग
मतदाता सूची में नाम जोडऩे और निकालने के लिए आयोग के पास 23 लाख आवेदन आए हैं। इसके चलते आयोग ने रिटर्निंग-सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की ट्रेनिंग निरस्त कर दी है। इन अधिकारियों की ट्रेनिंग आयोग द्वारा इसी हफ्ते आयोजित की जानी थी, लेकिन इन आवेदनों का निराकरण 20 सितम्बर तक करना अनिवार्य है, इससे उनकी ट्रेनिंग इसके बाद की जाएगी।
Published on:
12 Sept 2018 09:17 am
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