
1 लाख से ज्यादा वोटर फर्जी! कांग्रेस ने सारंग पर लगाया बड़ा आरोप..
भोपाल. मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा राज्यमंत्री विश्वास सारंग पर तीखा आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करवाई है। कांग्रेस का ये भी आरोप है कि मध्यप्रदेश के नरेला विधानसभा में करीब 1 लाख वोटर फर्जी है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर पहले भी शिकायत कर चुका है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी गंभीरता दिखते हुए दिल्ली में चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद प्रदेश के लाखों फर्जी वोटरों को निरस्त किया गया था। अब कांग्रेस ने सोमवार को एक बार फिर विधानसभा चुनाव 2018 से पहले मतदाता सूची को सही कराने की मांग की है।
चुनाव आयोग भरवाएगा घोषणा-पत्र
पहले हुए मतदाता सूची में गड़बड़ी मामले को लेकर आयोग ने सख्त निदेश देते हुए कहा था कि वोटर सूची में गड़बड़ी पायी गयी तो इसका सीधे जिम्मेदार कलेक्टर होंगे। उन पर गाज भी गिर सकती है। चुनाव आयोग जवाबदेही तय करने के लिए कलेक्टरों से घोषणा-पत्र भरवाएगा। साथ ही उन्हें यह रिपोर्ट देनी होगी कि कितने मतदान केंद्रों की मतदाता सूची की रेंडम चेकिंग की गई है।
इधर, इंदौर, रायसेन, भोपाल और अशोकनगर जिले की मतदाता सूची में जोड़े गए बोगस नामों के ‘पत्रिका’ के खुलासे पर कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगी गई है। चुनाव आयोग ने यह कदम मतदाता सूची में लगातार गड़बडिय़ां सामने आने के बाद उठाया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) सलीना सिंह ने प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर को पत्र भेजकर सूची की सामने आ रही कमियों को गंभीरता से लेने को कहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि पुनरीक्षण अभियान को केवल बीएलओ और एआरओ के भरोसे नहीं छोड़ें। खुद भी निगरानी कर अवगत कराएं। मतदाता सूची से जुड़ी जिम्मेदारी लेने संबंधी घोषणा-पत्र इसी महीने भरकर भेजने के निर्देश भी उन्होंने दिए। सीईओ ने साफ कहा है कि गड़बड़ी सामने आने के बाद छोटे कर्मचारियों पर थोपने से काम नहीं चलेगा।
संविदा अफसरों की नहीं लगेगी ड्यूटी
सरकार से सेवावृद्धि या संविदा में पुनर्नियुक्ति पाने वाले अफसर चुनाव कार्य में नहीं लगाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में भी तैनात ऐसे अफसरों से चुनाव से जुड़ी सेवाएं लेने पर रोक लगा दी है। छह माह में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी आयोग की स्वीकृति के बिना नहीं लगेगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी मिलने के बाद कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगी है। अब त्रुटियों के लिए कलेक्टर सीधे जिम्मेदार होंगे। इस बारे में घोषणा-पत्र भी भरवाया जाएगा।
Published on:
20 Aug 2018 12:59 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
