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कांग्रेस ने बदला टिकट का तरीका, बायोडाटा मंगाकर वार्ड में सर्वे, जीतने वाले को लड़ाएगी चुनाव

कांग्रेस ने चुनाव में टिकट बांटने का तरीका बदल दिया है, अब दावेदारों से बायोडाटा लिया जा रहा है, जिसके बाद दावेदारों की हकीकत जानने और वार्ड में कौन जीतने की दम रखता है.

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कांग्रेस ने बदला टिकट का तरीका, बायोडाटा मंगाकर वार्ड में सर्वे, जीतने वाले को लड़ाएगी चुनाव

कांग्रेस ने बदला टिकट का तरीका, बायोडाटा मंगाकर वार्ड में सर्वे, जीतने वाले को लड़ाएगी चुनाव

भोपाल. कांग्रेस ने चुनाव में टिकट बांटने का तरीका बदल दिया है, अब दावेदारों से बायोडाटा लिया जा रहा है, जिसके बाद दावेदारों की हकीकत जानने और वार्ड में कौन जीतने की दम रखता है, इसका सर्वे करने के बाद ही जीतने वाले को टिकट देगी, ऐसे में हर दिन कांग्रेस कार्यालय पर बायोडाटा देने वालों की भीड़ लग रही है, हर दिन लोग अपने जीतने का दावा करते हुए सिफारिशें भी करने में जुट गए हैं।

जानकारी के अनुसार नगर निगम चुनावों में कांग्रेस ने उन दावेदारों को ही टिकट देने का मन बनाया है, जो वाकई में जीतने की दम रखता हो, इसलिए दावेदारों की दम जांचने के लिए कांग्रेस वार्ड-वार्ड जाकर सर्वे करेगी, अगर वार्ड में जाने के बाद कोई दूसरा दमदार नजर आया तो उसे भी टिकट देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी, कुल मिलाकर कांग्रेस इस नगर निगम चुनाव में उन्हीं को टिकट देगी, जो वाकई में जीत दर्ज करा सके। अभी तक कांग्रेस के पास करीब 400 से अधिक बायोडाटा पहुंच चुके हैं।

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2015 में 85 में से 26 ही बने थे पार्षद
साल 2015 में हुए नगरीय चुनाव में कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा दी थी, इसके बावजूद 85 में से महज 26 पार्षद ही सीट पर काबिज हो पाए थे, इस बार कांग्रेस डबल से अधिक पार्षदों के साथ मेयर का चुनाव भी कांग्रेस जीतने में जुटी हुई है। हालांकि हर वार्ड से करीब एक दर्जन दावेदारों के बायोडाटा पहुंच रहे हैं, ऐसे में हर वार्ड में से जीतने वाले दावेदार को चुनना किसी चुनौती से कम नहीं है। बताया जा रहा है कि मेयर के पद का फैसला प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की सहमति से होगा, वहीं पार्षदों का फैसला वरिष्ठ कांग्रेसी कर सकते हैं, लेकिन सहमति लेनी जरूरी रहेगी। कांग्रेस द्वारा ९ जून को पार्षदों को लेकर फैसला लिया जा सकता है।