
भोपाल. राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ( govind singh rajput ) ने कहा कि अब कमिश्नर, कलेक्टर, तहसीलदार की कोर्ट के लिए दिन पहले से तय होंगे। आमजन को इसकी जानकारी रहेगी, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशान नहीं होना पड़ेगा।
पटवारी सप्ताह में कम से कम दो दिन ग्राम मुख्यालय पर बैठेंगे। प्रत्येक हल्के में पटवारी की पोस्टिंग की जाएगी। पंचायत पटल पर पटवारी का नाम, मोबाइल नंबर और निर्धारित दिन का उल्लेख किया जाएगा। अपने विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के दौरान मंत्री ने सदन में यह जानकारी दी।
राजस्व मंत्री ने बताया कि सीमांकन के लिए निजी एजेन्सी को रखा जाएगा। डायवर्सन की धारा 172 को खत्म कर दिया गया है। अब भू-स्वामी स्वयं भू-भाटक निर्धारित कर जमा कर सकेगा। नामांकन और बंटवारा एक साथ हो जाएगा।
प्राकृतिक आपदा में कम से कम 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता जरूर दी जाएगी। नाला या तालाब के टूटने पर होने वाली क्षति में भी आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। भेल की अनुपयोगी जमीन वापस लेने की कार्यवाही की जा रही है। सभी आबादी क्षेत्रों का नक्शा बनाया जाएगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि सभी जिलों से एसी वोल्वो बस चलाई जायेंगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह योजना छिन्दवाड़ा और सागर जिले में शुरू हो रही है। बड़े शहरों से छोटे शहरों को जोडऩे और ग्रामीण परिवहन के लिए बसों के परमिट जारी किए गए हैं।
ग्रामीण परिवहन के लिए नीति तैयार की जा रही है। प्रदेश में अवैध परिवहन और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर जुर्माना चार गुना बढ़ाया जा रहा है। ट्रेक्टर-ट्राली पर रिफ्लेक्टर लगवाने की कार्यवाही की जा रही है।
एसडीएम को राजस्व में लाओ -
राजस्व विभाग के अनुदान मांगों की चर्चा की शुरूआत करते हुए पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने मंत्री गोविंद राजपूत की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि पटवारी, तहसीलदार और आरआई एसडीएम के अण्डर में काम करते हैं। जब तक एसडीएम को आप राजस्व में लेकर नहीं आएंगे तब तक ये कोई आपकी नहीं सुनेंगे। आप सदन में कुछ भी घोषणा करते रहो।
Published on:
22 Jul 2019 07:29 am
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