23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस में और बढ़ा संकट! मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर इशारों-इशारों में लगाए गंभीर आरोप

उमंग सिंघार ने पहले कहा था कि मध्यप्रदेश में पर्दे के पीछे से दिग्विजय सिंह ही चला रहे हैं सरकार

2 min read
Google source verification
78.jpg

भोपाल/ मध्यप्रदेश में सियासी उठा पटक के बीच कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर से खुलकर सामने आ गई है। बीजेपी शुरू से ही इस ड्रामे को लेकर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह पर आरोप लगा रहे हैं। बीजेपी का कहना है कि यह सब उनके ही दिमाग की उपज है। बीजेपी जो बात शुरुआत से ही कह रही थी, उसी बात को अब कमलनाथ सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने दोहराई है।

दरअसल, मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह और वन मंत्री उमंग सिंघार के बीच रिश्ते कैसे हैं, यह किसी से छिपी नहीं है। सियासी ड्रामे के बीच सिंघार जो ट्वीट किया है, उससे प्रदेश की सियासत में फिर खलबली मच गई है। वन मंत्री उमंग सिंघार ने ट्वीट कर लिखा है कि माननीय कमलनाथ जी की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है। यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं।

किसी का नाम नहीं लिखा
सिंघार ने अपने ट्वीट में किसी भी नेता का नाम नहीं लिखा है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने इशारों-इशारों में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर हमला किया है। क्योंकि कांग्रेस में अभी राज्यसभा जाने के लिए दो ही लोग प्रबल दावेदार हैं। एक दिग्विजय सिंह और दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया। सिंधिया के समर्थक उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए खुलकर मांग कर रहे हैं लेकिन दिग्विजय सिंह के लिए कोई लॉबिंग नहीं हो रही थी। बीजेपी का आरोप है कि उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित करने लिए ये सब कुछ किया है।


दिग्विजय सिंह के खिलाफ खोल दिया था मोर्चा
दरअसल, कुछ महीने पहले ही वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। दिग्विजय सिंह ने चिट्ठी लिखकर सभी मंत्रियों को मिलने के लिए बुलाया था। इस पर सिंघार ने जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें चिट्ठी लिखने की क्या जरूरत है। पर्दे के पीछे से सरकार वहीं चला रहे हैं। वो ऐसे भी बुला लेते तो सभी लोग पहुंच जाते थे। इसके बाद मध्यप्रदेश की सियासत में हड़कंप मच गया था। यहीं नहीं उमंग सिंघार ने तो दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर भी कह दिया था।

दिल्ली में हुई थी पंचायत
दोनों के बीच विवाद इतना बड़ा गया था कि दिल्ली तक इसकी शिकायत पहुंची थी। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर खूब आरोप लगाया था। बाद में सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद विवाद ठंडा हुआ था। उसके बाद पार्टी ने सिंघार को झारखंड चुनाव की जिम्मेदारी सौंप दी थी। सिंघार वहां से सह प्रभारी थी। उनके नेतृत्व में झारखंड में कांग्रेस ने अच्छा प्रर्दशन किया। झारखंड में जेएमएम और कांग्रेस की सरकार चल रही है।