
Contractual employees
भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संविदा कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने पर शुक्रवार को कर्मचारियों ने सीएम हॉउस का घेराव किया। इस दौरान सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने उन्हे सीएम हाउस के बाहर ही रोक लिया। जिससे संविदा कर्मचारियों और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गयी। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि पुलिस ने उन्हे भगाया है, हालांकि कुछ देर बाद आरएसएस के अनुसांगिक संगठन बीएएमएस को अंदर बुलाये जाने से संविदा कर्मचारी संघ के कर्मियों के बीच आपसी दरार की स्थिति बनी हुई है, जिससे कुछ कर्मी नराज दिखायी दिए।
सीएम हॉउस के बाहर धरने पर बैठे संविदा कर्मी
वैसे तो प्रदेश सरकार सभी विभागों के कर्मचारियों को पुचकारने में जुटी हैं। जिसके बाद भी कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। ज्यादातर कर्मचारियों की मांग नियमतीकरण और वेतनवृद्धि को लेकर है। ऐसे में प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी संघों की मांगों को पूरा करने के लिए 11 मई को संविदा महापंचायत बुलाई गई थी, लेकिन संविदा कर्मचारी-अधिकारी संघों के नेताओं में फूट एवं संविदा नियमों में मांग अनुसार संशोधन नहीं होने की वजह से बाद में इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया, वहीं संविदा कर्मचारियों ने विवाद के बाद सीएम हॉउस के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
इन्हे मिला प्रवेश तो नाराज हुए कर्मी
शुक्रवार को संविदा कर्मचारी प्रतिनिधियों के हंगामें के बाद मुख्यमंत्री से चर्चा करने कई संगठन दल, जिसमें सिर्फ सरकार को समर्थित भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को ही सीएम निवास में प्रवेश मिला। जिस कारण संविदा कर्मचारियों संघों के कुछ नेता नाराज हो गए। बताया जा रहा है कि सीएम हाउस पर तैनात सुरक्षा बलों ने संविदाकर्मीयों को दुत्कारा है। जिससे दोनों के बीच झड़प भी हुई।
गौरतलब है कि भारतीय मजदूर संघ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का अनुषांगिक संगठन है। विभिन्न कर्मचारी संघों की मांगों को लेकर मजूदर संघ सरकार से मध्यस्थता करने में जुटा है। हालांकि शुक्रवार को महापंचायत की बैठक में बात नहीं बन पायी, अब अगली संविदा महापंचायत के लिए दूसरे तारीख का ऐलान किया जाएगा। वहीं राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में समस्त सहायक शिक्षक संघ भी अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
Published on:
11 May 2018 01:40 pm
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