
अब नेगेटिव मरीजों को भी मिलेगी रिपोर्ट, हमीदिया अस्पताल ने शुरू की व्यवस्था
भोपाल. कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे लोगों को अब नेगेटिव रिपोर्ट के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। गांधी मेडिकल कॉलेज अब मरीजों को नेगेटिव रिपोर्ट भी देगा। ऐसा करने वाला जीएमसी पहला संस्थान है जहां लोगों की नेगेटिव रिपोर्ट भी मरीज के मोबाइल पर भेज दी जाएगी।
दरअसल, अलीगंज के रहने वाले एडवोकेट हुसैन और उनका परिवार होम्यौपैथी कॉलेज में बने कोरेाना वार्ड एडमिट हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि वो कोरेाना पॉलिटिव हैं या नहीं, क्योंकि उनको अब तक रिपोर्ट नहीं मिली। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले प्रशांत की रिपोर्ट 15 दिन से नहीं मिली। उन्हें भी नहीं पता कि वो पॉजिटिव हैं या नेगेटिव। सिर्फ यह दो लोग ही नहीं शहर में ऐसे हजारों लोग हैं जो रिपोर्ट ना मिलने से परेशान है। इन लोगों का कहना है कि कॉल सेंटर पर कॉल करने पर कहा जाता है कि रिपोर्ट ना मिले तो समझ लो निगेटिव है।
गांधी मेडिकल कॉलेज के श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉॅ. पराग शर्मा बताते हैं कि जब मरीजों का सैंपल लिया जाता है, तब उसका मोबाइल नंबर भी लिया जाता है। जीएमसी की लैब में होने वाली जांच रिपोर्ट नेगेटिव होने पर मोबाइल पर मैसेज दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट पब्लिक डोमेन पर नहीं दी जाएगी, ना ही उसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
क्वॉरंटीन को लेकर फिर हुआ विवाद
कोरोना सैंपलिंग और इलाज में लगे गांधी मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को क्वॉरंटीन को लेकर मंगलवार को एक बार फिर विवाद की स्थिति बनी। मंगलवार को कलेक्टर तरुण पिथोड़े हमीदिया अस्पताल पहुंचे और क्वॉरंटीन को लेकर बात की। जानकारी के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने 4 जून से क्वॉरंटीन की व्यवस्था खत्म कर दी है। हालांकि कलेक्टर से मुलाकात के दौरान मेडिकल टीचर्स, जूनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने कलेक्टर से कहा कि क्वॉरंटीन खत्म करने से कोरोना योद्धाओं और उनके परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
Published on:
03 Jun 2020 01:28 am
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