23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरला हत्याकाण्ड में पुलिस ने पेश किया खात्मा, अदालत में पीडि़त पक्ष ने दर्ज कराई आपत्ति

सरला मिश्रा के भाई अनुराग मिश्रा ने दर्ज कराई आपत्ति

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Sunil Mishra

Nov 08, 2019

High Court

कोर्ट

भोपाल/ वर्ष 1997 में हुए बहुचर्चित सरला मिश्रा हत्याकाण्ड के मामले में करीब 22 साल बाद बुधवार को टीटी नगर पुलिस ने जिला अदालत में खात्मा प्रतिवेदन पेश कर दिया। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी विनोद पाटीदार की अदालत में टीटी नगर पुलिस ने खात्मा पेश किया।

टीटी नगर पुलिस ने खात्मा पेश करने की सूचना सरला मिश्रा के परिजनों को दी थी। सूचना पर सरला मिश्रा के भाई होशंगाबाद निवासी अनुराग मिश्रा बुधवार को अदालत में उपस्थित हुए। अनुराग ने पुलिस के खात्मा आवेदन पर लिखित आपत्ति दर्ज करायी।

इसमें बताया गया है कि मामले में अनुसंधान के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका दायर है। इस पर 13 नवंबर को सुनवाई होना है। इसमें टीटी नगर थाना प्रभारी भी पक्षकार हैं। टीटी नगर थाना प्रभारी को पूरी जानकारी होने के बावजूद रिट याचिका के लंबित रहते पुलिस ने खात्मा प्रतिवेदन पेश किया है।

यह अवमानना की श्रेणी में है। 19 साल से अनुराग सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांग रहे हैं। पुलिस उन्हें लगातार गुमराह कर रही है। पुलिस ने महत्वपूर्ण गवाहों, परिजनों के बयान नहीं लिए है। मामलें में निष्पक्ष जांच किए बगैर खात्मा प्रतिवेदन पेश किया है। ऐसे में हाईकोर्ट में लगी रिट याचिका के चलते खात्मा मंजूर नहीं किया जाए।

वकीलों का मौन प्रदर्शन, राज्यपाल को ज्ञापन

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में हुई घटना के विरोध में गुरूवार को वकीलों ने जिला अदालत में जमीन पर बैठकर मौन प्रदर्शन किया। मुख्य द्वार के पास स्थित गांधी जी की प्रतिमा के सामने वकीलों ने करीब आधे घंटे तक मौन प्रदर्शन किया। बाद में उत्साही वकीलों ने मुख्य प्रवेश द्वार के सामने दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला बार एसोसिएशन के सचिव वासु वासवानी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल के ओएसडी को ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधि मंडल में संजय गुप्ता, देवेन्द्र रावत, बार एसोसिएशन के सहसचिव कैलाश मालवीय, पुस्तकालय अध्यक्ष मुकेश नागपुरे शामिल थे। सचिव वासु वासवानी ने बताया कि दिल्ली पुलिस खुद की गलतियों पर पर्दा डालने के लिए प्रदर्शन पर उतारू है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और प्रदेश में वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो।