21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चालान पेश करने के लिए कोर्ट मुंशी, सिपाही वसूलते हैं 100 से 1000 रूपए

वकीलों ने कोर्ट में अवैध वसूली को लेकर कोर्ट मुंशी-सिपाहियों की डीजे से की शिकायत

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Sunil Mishra

Dec 20, 2018

patrika

court,emergency meeting,Higher Education Department,Vikram University Ujjain,divisional officers,

किसी भी मामले में चालान पेश करने के लिए कोर्ट मुंशी- थाने के सिपाहियों द्वारा पक्षकारों से 100 से 1000 तक की अवैध वसूली की जाती है। साथ ही जमानत होने पर पक्षकारों के परिजनों से 500 रूपये तक वसूले जाते है। कोर्ट में चल रही इस अवैध वसूली पर रोक और कोर्ट मुंशी- सिपाहियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर वकीलों ने नए जिला एवं सत्र न्यायाधीश को लिखित मे बुधवार को शिकायती आवेदन सौंपा है।

एडवोकेट एसोसिएशन फॉर जूनियर के बेेनर तले जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कोर्ट मुंशियो-थाने के सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसमें बताया गया है कि वर्षो से कई अदालतों में कोर्ट मुंशी एक ही स्थान पर पदस्थ है। इसके अलावा थानों से केस डायरी-चालान लेकर आने वाले सिपाही भी वर्षो से जमे है। कोर्ट मुंशी-सिपाही चालान पेश करने के दौरान पक्षकारों से 100 से 1000 तक की अवैध वसूली करते हैं। कई बार वसूली नहीं मिलने पर मामलों को कई दिनों तक लटकाकर रखा जाता है। इसके अलावा कोर्ट रूम में पदस्थ कोर्ट मुंशी जमानत होने पर पक्षकारों के परिजनों से 500 रूपये तक की अवैध वसूली करते हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष यावर खान ने बताया कि अवैध वसूली पर रोक और कोर्ट मुंशियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग को लेकर शिकायती आवेदन जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने प्रतिमाह होने वाली मानीटरिंग सेल की बैठक में पुलिस अफसरों से इस पर चर्चा की बात कही है।


भूखंड आवंटन के लिए फर्जी गुमास्ता लगाने वाले को 3 साल की कैद

भोपाल।

ट्रांसपोर्ट नगर अयोध्या में भूखंड आवंटन के लिए कूट रचित गुमास्ता लायसेंस लगाने वाले गुलाबराय खूबचंदानी निवासी पंजाबी बाग को अदालत ने 3 साल के सश्रम कारावास-3 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार भद्रसेन ने यह फैसला सुनाया है। मामला बिलखिरिया थाने का है। अभियोजन के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर कोकता में भूखण्ड आवंटन के लिए वर्ष 2016 मे नगर निगम ने आवेदन आमंत्रित किए थे।

भूखण्ड आवंटन के लिए पहली प्राथमिकता गुमास्ता लायसेंस आवश्यक था। गुलाब राय खूबचंदानी ने भूखण्ड आवांंटन के लिए फर्जी गुमास्ता लायसेंस लगाया था। शिकायत मिलने पर गुमास्ता लायसेंस की जांच श्रम विभाग से कराई गई थी। जांच में गुमास्ता लायसेंस फर्जी पाया गया था। पुलिस ने जोन क्र 15 के जोन अधिकारी की शिकायत पर गुलाब राय के खिलाफ धोखाधडी, दस्तावेजों में कूट रचना का मुकदमा दर्ज किया था।