
भोपाल। करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी में फंसने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए सोम ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक जगदीश अरोड़ा की जेल में पहली रात बेचैनी भरी कटी। जमीन पर उन्हें नींद नहीं आई और वे काफी देर तक कमरे में टहलते रहे। यह वही जगदीश अरोड़ा हैं जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान मई माह में अपने चार परिजनों को नियमित फ्लाइट से दिल्ली न भेजकर उनके लिए अलग से 180 सीटर विमान बुलाया था। इसके लिए उन्होंने 10 लाख रूपए का भुगतान किया था।
कोरोना संक्रमण एवं सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए जेल प्रबंधन द्वारा फिलहाल 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा वाले कैदियों को जेल पहाड़ी स्थित पुरानी जेल परिसर के कमरों में रखा जा रहा है। जगदीश अरोड़ा एवं उसके भाई को भी न्यायिक अभिरक्षा घोषित होने के बाद 14 दिनों के लिए इसी जेल में रखा गया था। जेल मैन्युअल के हिसाब से दोनों भाइयों को रात के खाने में मूंग की दाल एवं रोटी दी गई लेकिन जगदीश अरोड़ा ने बीमारियां गिनाकर खाना खाने से इंकार कर दिया। जेल प्रबंधन को भेजी सूचना में अरोड़ा ने कहा कि उसे एवं उसके भाई को बायपास सर्जरी एवं अन्य बीमारियों की वजह से बेचैनी हो रही है इसलिए उनका मेडिकल चेकअप करवाया जाना चाहिए। जेल प्रबंधन ने अरोड़ा बंधुओं की सेहत के मद्देनजर शुक्रवार शाम दोनों भाइयों को एयरपोर्ट रोड स्थित गांधी नगर नई जेल परिसर के बैरक में शिफ्ट किया। सेंट्रल जेल अधीक्षक दिनेश नरवाने ने बताया कि फिलहाल दोनों भाइयों की तबीयत ठीक है। उन्होंने बताया कि जेल पहाड़ी स्थित पुरानी जेल में न्यायिक अभिरक्षा वाले कैदियों को संक्रमण से बचाने के लिए रखा गया था। अरोड़ा बंधुओं की तबीयत में उतार-चढ़ाव होने की शिकायतें सामने आ रही थी इसलिए उन्हें नए जेल परिसर में लाकर शिफ्ट किया गया है जहां मेडिकल सुविधाएं मौजूद है।
दस लाख खर्च कर चार लोगों को विमान से भेजा था दिल्ली
सोम ग्रुप के जगदीश अरोरा ने मई माह में अपने परिवार के चार सदस्यों को दिल्ली भेजने के लिए नियमित विमान सेवा का इस्तेमाल नहीं किया था। उन्होंने इसके लिए चार्टर्ड प्लेन बुक किया। यह 180 सीटर एयरबस दिल्ली से केवल क्रू मेंबर के साथ भोपाल आई। भोपाल एयरपोर्ट पर विमान में ईंधन भरा गया और अरोरा के परिवार के केवल चार सदस्यों को लेकर इस विमान ने वापिस दिल्ली के लिए उड़ान भरी। लॉकडाउन के बाद के इस दौर में भोपाल से दिल्ली के लिए दो नियमित फ्लाइट शुरू हो चुकी थी। जगदीश अरोरा ने अपनी बेटी, दो नाती और एक आया को भेजने के लिए एयर बस-320 बुक की थी। इसकी यात्री क्षमता 180 सीटों की है। यह संभवत: पहला मौका था जब केवल चार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लेकर इतना बड़ा विमान भोपाल से टेकऑफ हुआ था। नियमित उड़ान से उनके यह चार सदस्य मात्र 15 हजार रूपए में दिल्ली पहुंच सकते थे लेकिन संक्रमण को देखते हुए उन्होंने इसके लिए 10 लाख खर्च किए थे।
Published on:
10 Jul 2020 11:26 pm
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