भोपाल में बदमाशों को टोपी, बम, पेंटर, काला, रेडियो, बकरा, टैंकर, बघीराज और छू् जैसी उर्फियत से जाना जाता है। बदमाशों को यह नाम पुलिस वालों ने या गैंग के लोगों ने ही दिए हैं। पुलिस एफआईआर में भी उनके वास्तविक नाम के साथ उर्फियत जुड़ी रहती है। हालांकि इनमें से कई लोग अब शराफत की जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं पर उनकी अपराधिक पहचान नाम के साथ आज भी जिंदा है।