
रॉबर्ट कियोसाकी का कहना है कि चांदी की कीमतें पीक पर हो सकती हैं। (PC: AI)
Silver Price Crash: बेस्टसेलिंग बुक रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने चांदी के निवेशकों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चांदी की कीमतें अपने पीक के करीब हो सकती हैं और लॉन्ग टर्म रैली दोबारा शुरू होने से पहले इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कियोसाकी ने निवेशकों से सावधान रहने को कहा है। उनका मानना है कि चांदी में हालिया तेजी ने सट्टेबाजों को आकर्षित किया है, जो मुनाफावसूली के जरिए तेज गिरावट ला सकते हैं।
उन्होंने लिखा, “दोबारा ऊपर चढ़ने से पहले इसमें बड़ी गिरावट आएगी।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को उन्होंने “सिल्वर सट्टेबाज” कहा है, उनकी बड़े पैमाने पर बिक्री चांदी बाजार को “क्रैश” भी कर सकती है।
हालांकि, इस चेतावनी के बावजूद कियोसाकी ने कीमती धातुओं, खासकर चांदी को लेकर अपना लंबे समय से चला आ रहा सकारात्मक (बुलिश) नजरिया दोहराया। उन्होंने कहा कि वह ऊंचे दामों पर भी चांदी खरीदना जारी रखेंगे, यहां तक कि 100 डॉलर प्रति औंस तक। हालांकि, बाजार में गिरावट की स्थिति में धैर्य रखने पर उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा, 'जब चांदी क्रैश करेगी… तो मैं धैर्य रखूंगा और इंतजार करूंगा कि बाजार आगे क्या संकेत देता है।' गौरतलब है कि पिछले साल चांदी की कीमतों में करीब 150% की तेजी आई थी, जो सोने से भी ज्यादा रही।
कियोसाकी ने चांदी के साथ अपने दशकों पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 1960 के दशक में करीब 1 डॉलर प्रति औंस के भाव पर पहली बार चांदी खरीदी थी और 1990 के आसपास जब कीमतें 4–5 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचीं, तब वे “सिल्वर बिलीवर” बन गए। उनकी टिप्पणियां यह दिखाती हैं कि निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव के बावजूद वह चांदी की लंबी अवधि की वैल्यू को लेकर आश्वस्त हैं।
कियोसाकी की पोस्ट का एक अहम संदेश बुल मार्केट में लालच से बचने की चेतावनी भी था। उन्होंने “रिच डैड की सीख” का हवाला देते हुए कहा, “सूअर मोटे होते हैं… लेकिन लालची सूअरों को काट दिया जाता है,” यानी जो निवेशक जल्दी मुनाफे के पीछे भागते हैं, वे तेज गिरावट में फंस सकते हैं।
उन्होंने चांदी बेचकर कैश लेने के तर्क पर भी सवाल उठाया। कियोसाकी का कहना है कि अंत में निवेशकों को अमेरिकी डॉलर ही मिलते हैं, जिनकी उन्होंने महंगाई और बढ़ते सरकारी कर्ज के कारण बार-बार आलोचना की है। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि वह चांदी के बदले सोना लेने पर विचार कर रहे हैं, जिसे वह फिएट करेंसी में लौटने के बजाय हार्ड एसेट्स में संपत्ति सुरक्षित रखने का एक “स्मार्ट” तरीका मानते हैं।
Published on:
15 Jan 2026 03:57 pm

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