
भोपाल/ बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को इस साल सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान मिलेगा। अमिताभ बच्चन को फिल्म में आजीवन योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इसकी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ट्वीट कर दी। इस घोषणा के बाद उनके फैंस में खुशी की लहर है। इस अवसर में हम उनकी कुछ अनसुनी बातें बताते हैं, जिसके बारे में लोगों को कम ही जानकारी है।
अमिताभ बच्चन को सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान मिलेगा। उनका मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भी गहरा नाता है। अमिताभ बच्चन का यहां ससुराल है। यहां जया बच्चन यहीं की रहने वाली है। जया बच्चन की मां आज भी भोपाल में ही रहती हैं। अभिषेक बच्चन और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय उनसे मिलने यहां आ चुके हैं। हालांकि पिछले दिनों जब एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमिताभ बच्चन यहां आए थे तो वह ससुराल नहीं जा पाए थे। लेकिन उऩ्होंने कहा था कि मैं यहां का जमाई राजा हूं।
3 जून 1973 को हुई थी शादी
अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की शादी 3 जून 1973 को हुई थी। लेकिन जया बच्चन की परिवार की तरफ से भोपाल में एक ग्रांड रिसेप्शन का आयोजन किया गया था। इसका आयोजन भोपाल स्थित बड़े तालाब के किनारे स्थित इंपीरियल सैबर नाम के एक पुराने होटल में हुआ था। जो पहले एक महलथा, बाद में उसे हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है।
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जया बच्चन के पिता रहे हैं पत्रकार
भोपाल के दिवंगत पत्रकार तरुण कुमार भादुड़ी की तीन बेटियों में जया सबसे बड़ी थीं। राजनीति के कारण तरुण कुमार को शासकीय नौकरी नहीं मिल सकी, इसलिए वे ‘नागपुर-टाइम्स’ के पत्रकार बन गए। सन 1956 में जब मध्यप्रदेश बना तो वे ‘स्टेट्समैन’ के संवाददाता के रूप में भोपाल में बस गए। बीच में दो साल चंडीगढ़ और पांच साल लखनऊ भी रहे। उसके बाद ज्यादातर समय भोपाल में ही गुजरता गया। तरुण कुमार भादुड़ी ने 1944 में पटना की इंदिरा गोस्वामी से शादी कर ली। उनकी बेटी जया का जन्म जबलपुर में 9 अप्रैल, 1950 को हुआ था।
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काफी जिद्दी थीं जया
जया बच्चन बचपन में काफी जिद्दी थीं। जया ने भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट में पढ़ाई की। खेलकूद में उनकी विशेष रुचि थी। सन 1966 में उन्हें प्रधानमंत्री के हाथों NCC की बेस्ट कैडेट का तमगा मिला था। उन्होंने छह साल तक ‘भरतनाट्यम’ का प्रशिक्षण भी लिया था। हायर सेकंडरी के बाद जया ने पुणे के फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लिया। लेकिन इससे पहले सत्यजित रे की बांग्ला फिल्म ‘महानगर’ में काम कर चुकी थीं। फिल्म निर्माता-निर्देशक तपन सिन्हा और तरुण कुमार अच्छे दोस्त थे।
छड़ी कहने पर सहेलियों से लड़ गई थीं जया
जया बताती हैं कि मैंने पहली बार अमितजी को इंस्टीट्यूट में देखा और पसंद करने लगी थीं। मेरे दोस्तों ने कहा कि अमित तो एक छड़ी की तरह लगते हैं, वो दुबले-पतले थे, मगर उनकी आंखें काफी बड़ी थीं। मुझे याद है कि अमित को छड़ी कहने पर मैं अपनी सहेलियों से काफी लड़ी भी थी और कहा था कि वो सबसे अलग हैं और बेहद अलग। फिल्म ‘अभिमान’ में साथ काम करने के बाद अमिताभ और जया ने जिंदगी भर साथ निभाने का फैसला कर लिया था। इसके बाद फिल्म ‘शोले’ की कामयाबी के बाद 3 जून, 1973 को दोनों बंगाली रीति-रिवाज से परिणय-सूत्र में बंध गए थे।
भोपाल में की है कई फिल्मों की शूटिंग
अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलेगा। इसे लेकर भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित उनके ससुराल में भी खुशी की लहर है। उनकी सास अभी भी यहीं रहती हैं। अमिताभ बच्चन ने भोपाल में कई फिल्मों की शूटिंग भी की है। उनकी फिल्म आरक्षण की शूटिंग भी यहीं हुई थी। अपने भोपाल दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि इस शहर से मेरा पुराना रिश्ता है यहां आकर हमेशा अपनापन लगता है।
Published on:
24 Sept 2019 08:21 pm
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